क्षेत्रीय
25-Apr-2026
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- बोली- मैंने रुपए हाथ में लिए ही नहीं इन्दौर (ईएमएस) लोकायुक्त ने शिकायत सत्यापन पश्चात योजनाबद्ध तरीके से एक ट्रैप कार्रवाई आयोजित कर महिला एवं बाल विकास विभाग की एक पर्यवेक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इन्दौर लोकायुक्त द्वारा यह कारवाई खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में की गई जहां आरोपी संतोष कोचले, जो खालवा के लखनपुर बंदी सेक्टर में पदस्थ हैं को गिरफ्तार किया। उसने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन वाड़िबा से नियुक्ति के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग की थी जिसे वह किश्तों में लेने को तैयार हो गई थी। कारवाई करने वाले ट्रैप दल में टीआई प्रतिभा तोमर, आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा सहित आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल, चेतन सिंह परिहार, कृष्णा अहिरवार, महिला आरक्षक प्रियंका लोधी और अनीता प्रजापति शामिल रहे। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार आरोपी संतोष कोचले महिला बाल विकास खालवा सेक्टर-लखनपुर बंदी (खंडवा) में पदस्थ है को ग्राम पलासपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरण वाडिबा की शिकायत पर रिश्वत लेते पकड़ा गया। फरियादी किरण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत है। उसकी नियुक्ति के समय महिला आरोपी ने 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। इस पर फरियादी ने कहा कि वह इतनी बड़ी राशि एक साथ नहीं, किश्तों में दे पाएगी। तीन किश्तों में आरोपी को फरियादी 14 हजार रुपए दे चुकी है। चौथी किश्त देने के पहले फरियादी ने लोकायुक्त एसपी डॉ. सहाय से कर दी। कल संतोष कोचले ने पंचायत कार्यालय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक में फरियादी को रिश्वत की चौथी किश्त लेकर बुलाया था। इस सूचना पर योजना बनाकर लोकायुक्त इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर व इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास के नेतृत्व में टीम ने उसको 4 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उसने रुपए अपने हेंड बेग में रखवाए थे। आरोपी महिला के जब हाथ धुलवाए तो बोली- मैंने पैसे हाथ में लिए ही नहीं.....। लोकायुक्त पुलिस द्वारा उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आनंद पुरोहित/ 25 अप्रैल 2026