अंतर्राष्ट्रीय
25-Apr-2026


वाशिंगटन,(ईएमएस)।वाशिंगटन में रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम को लेकर एक अत्यंत सख्त और दूरगामी प्रभाव वाला विधेयक पेश किया है। एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026 नामक इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य एच-1बी वीजा जारी करने पर आगामी तीन वर्षों के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। सांसदों का तर्क है कि इस अंतराल का उपयोग वीजा प्रणाली में सुधार और सख्त नियमों को लागू करने के लिए किया जाना चाहिए ताकि अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा की जा सके। यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब तकनीक और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में विदेशी कामगारों की भूमिका पर बहस तेज है। सांसद एली क्रेन द्वारा प्रस्तावित इस विधेयक को ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स जैसे प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। क्रेन का कहना है कि संघीय सरकार की प्राथमिकता बड़ी कंपनियों के मुनाफे के बजाय अपने नागरिकों के रोजगार सुरक्षित करना होनी चाहिए। प्रस्तावित बदलावों के तहत वार्षिक एच-1बी वीजा सीमा को वर्तमान 65,000 से भारी कटौती करते हुए केवल 25,000 करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, मौजूदा लॉटरी सिस्टम को समाप्त कर वेतन-आधारित चयन प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसमें न्यूनतम वार्षिक वेतन 200,000 डॉलर निर्धारित किया गया है। विधेयक के अन्य प्रावधानों के अनुसार, नियोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे प्रमाणित करें कि उन्हें उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिला है। साथ ही, तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों द्वारा एच-1बी कामगारों की नियुक्ति और इन कामगारों के लिए एक से अधिक नौकरी करने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। सबसे कड़े प्रावधानों में वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) कार्यक्रम को समाप्त करना, वीजा धारकों के आश्रितों को साथ लाने पर रोक और वीजा स्टेटस को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) में बदलने पर प्रतिबंध शामिल है। सांसदों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था का दुरुपयोग सस्ते विदेशी श्रम के लिए किया जा रहा है, जिससे घरेलू वेतन में गिरावट आई है। इमिग्रेशन विशेषज्ञों ने इसे संसद में पेश किया गया अब तक का सबसे सख्त वीजा विधेयक बताया है। चूंकि भारतीय पेशेवर ऐतिहासिक रूप से एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं, ऐसे में इस कानून के लागू होने से भारतीय आईटी क्षेत्र और वहां कार्यरत पेशेवरों पर व्यापक असर पड़ सकता है। हालांकि, उद्योग समूहों का मानना है कि यह कार्यक्रम अमेरिकी नवाचार और कौशल की कमी को पूरा करने के लिए आवश्यक है। वीरेंद्र/ईएमएस/25अप्रैल2026 ---------------------------------