राजगढ़(ईएमएस)l प्रदेश शासन के “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सारंगपुर में जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं भू-जल स्तर में सुधार हेतु व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। जिले के सारंगपुर विकासखंड की 98 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य युद्ध स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में क्षेत्र की प्रमुख काई नदी, उतावली नदी एवं अन्य प्रमुख नालों में “नाला ट्रेंचिंग” कार्य प्रारंभ किया गया है, जो आगामी मानसून सीजन में जल संचयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल सिद्ध होगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सारंगपुर विकासखंड भू-जल दोहन के मामले में 108 प्रतिशत के साथ जिले में प्रथम स्थान पर है, जो इस क्षेत्र को अतिदोहित श्रेणी में रखता है। बढ़ते जल संकट और गिरते भू-जल स्तर को ध्यान में रखते हुए यह अभियान अत्यंत आवश्यक एवं समयानुकूल पहल के रूप में सामने आया है। नाला ट्रेंचिंग एक वैज्ञानिक जल संरक्षण तकनीक है, जिसमें नालों के बहाव क्षेत्र में 15 मीटर लंबाई, 3 मीटर चौड़ाई एवं 0.6 मीटर गहराई की खाइयाँ (ट्रेंच) बनाई जाती हैं। इसका उद्देश्य वर्षा जल के तेज बहाव को रोकना, उसकी गति को धीमा करना तथा उसे भूमि के भीतर समाहित होने के लिए पर्याप्त समय देना है। इस कार्य के माध्यम से अनुमानित 10 करोड़ लीटर अतिरिक्त जल संग्रहण एवं भू-जल पुनर्भरण संभव होगा। अभियान की प्रमुख विशेषताएं में भू-जल स्तर में वृद्धि ट्रेंचिंग के माध्यम से जल रुकने से क्षेत्र के कुओं, हैंडपंपों एवं बोरवेल का जलस्तर बढ़ेगा। मिट्टी का कटाव रोकेगा पानी के बहाव की गति कम होने से उपजाऊ मिट्टी बहने से बचेगी। जनभागीदारी को बढ़ावा स्थानीय ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। भविष्य के जल संकट का समाधान बढ़ती गर्मी एवं घटते जलस्तर के बीच यह पहल जल सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम है। विगत 25 मार्च, 2026 को जनपद पंचायत सारंगपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक में “जल गंगा संवर्धन अभियान” एवं जल संरक्षण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई थी। बैठक में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल द्वारा सारंगपुर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन जल संकट एवं अतिदोहित श्रेणी में आने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण कार्यों को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी विजन को साकार करते हुए कलेक्टर डॉ. मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गढ़पाले के निर्देशन में नाला ट्रेंचिंग कार्य मिशन मोड पर प्रारंभ किया गया है। अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं अधिक जल बहाव वाले स्थलों का प्राथमिकता से चयन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों का कहना है कि “जल है तो कल है” के संकल्प के साथ प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजकर भविष्य की जल सुरक्षा मजबूत की जाए। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि इस प्रकार के प्रयासों से न केवल खेती-किसानी को लाभ मिलेगा, बल्कि पशुओं एवं आमजन के लिए पेयजल उपलब्धता भी बेहतर होगी।-निखिल/राजगढ़/25/4/2026