मुंबई, (ईएमएस)। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुंबई शहर और उपनगरों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चल रहा है। इस संबंध में महानगरपालिका ने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है, ताकि इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। मनपा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे ने कल विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। आयुक्त ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है। इसके तहत डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाताओं के नाम और अवैध पंजीकरण हटाए जाएंगे, जबकि स्थानांतरण और अन्य कारणों से हुए बदलावों को शामिल किया जाएगा। विज्ञप्ति के मुताबिक, महाराष्ट्र में आखिरी बार वर्ष 2002 में इस तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। वर्तमान में मुंबई में चल रहा यह अभियान राज्यव्यापी प्रक्रिया का हिस्सा है। यह पूरा कार्यक्रम छह चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसमें पूर्व-पुनरीक्षण अवधि, गणना (एन्यूमरेशन), एएएसडी (पहले से पंजीकृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) सूची की तैयारी, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन, दावा-आपत्ति अवधि और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन शामिल है। फिलहाल प्री-रिवीजन चरण के तहत मुंबई शहर और उपनगरों में मतदाता मैपिंग का काम जारी है। वर्ष 2002 की मतदाता सूची के विवरण का 2024 की सूची से मिलान किया जा रहा है और इसे बीएलओ एप्लिकेशन के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है। आयुक्त अश्विनी भिडे ने राजनीतिक दलों से अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की, ताकि यह प्रक्रिया पारदर्शी, प्रभावी और समय पर पूरी हो सके। बैठक में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर, मनपा सदन के विभिन्न दलों के समूह (गट) नेता, राजनीतिक प्रतिनिधि और मनपा के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। स्वेता/संतोष झा-२५ अप्रैल/२०२६/ईएमएस