खेल
25-Apr-2026
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प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए जीतना जरुरी नई दिल्ली (ईएमएस)। आईपीएल 2026 का घमासान जारी है और इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स तथा कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि कप्तानों के धैर्य और नेतृत्व क्षमता की असली परीक्षा बन गया है। दोनों ही टीमों के कप्तान, ऋषभ पंत और अजिंक्य रहाणे, अपनी-अपनी टीमों के निराशाजनक प्रदर्शन के चलते भारी दबाव में हैं। यह भिड़ंत दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए करो या मरो का युद्ध साबित होगी, जहाँ एक हार उन्हें टूर्नामेंट से लगभग बाहर कर सकती है। कोलकाता नाइट राइडर्स का इस सीज़न में प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। आईपीएल 2025 के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद टीम प्रबंधन ने अजिंक्य रहाणे पर अपना भरोसा बरकरार रखा था, लेकिन इस सीज़न में भी टीम अपेक्षित लय हासिल करने में नाकाम रही है। उन्हें अपनी पहली जीत दर्ज करने के लिए सात मैच खेलने पड़े, और वह भी टीम के सामूहिक प्रयास के बजाय रिंकू सिंह की शानदार पारी की बदौलत ही संभव हो पाई थी। टीम की तेज गेंदबाजी और स्पिन विभाग में साफ तौर पर कमजोरी दिखाई दे रही है, जिससे विरोधी बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे हैं। वरुण चक्रवर्ती का फॉर्म टीम के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, और लगातार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने से टीम का संतुलन बिगड़ गया है। अजिंक्य रहाणे ने व्यक्तिगत रूप से कुछ मैचों में रन अवश्य बनाए हैं, लेकिन टी20 प्रारूप के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है, जो टीम को तेज शुरुआत देने में बाधा डालती है। लगभग 38 वर्ष की आयु को देखते हुए, इस तेज-तर्रार फॉर्मेट में लंबे समय तक कप्तानी की जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, और उनके फैसलों पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स का हाल भी कुछ ठीक नहीं है। टीम ने अब तक खेले गए मैचों में सिर्फ दो जीत दर्ज की हैं और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने का खतरा उन पर लगातार मंडरा रहा है। लगातार चार हार ने टीम का मनोबल पूरी तरह से तोड़ दिया है और वे आत्मविश्वास की कमी से जूझते दिख रहे हैं। कप्तान ऋषभ पंत खुद भी खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं, जो टीम के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 67 रन की एक अच्छी पारी खेलने के बाद, पंत अगली पांच पारियों में सिर्फ 72 रन ही बना पाए हैं, जो उनकी क्षमता से बहुत कम है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ वे मात्र तीन गेंदों का सामना कर शून्य पर आउट हो गए थे, जिससे उनकी आलोचना में और भी इजाफा हुआ है। लखनऊ का अपने घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड भी बेहद खराब रहा है; पिछले सीज़न में उन्होंने 8 में से 6 मैच गंवाए थे, और इस सीज़न में भी वे 3 मैच हार चुके हैं। कुल मिलाकर, 24 मैचों में उन्हें केवल 9 जीत मिली हैं, जो घरेलू लाभ न उठा पाने की कहानी कहती है। निकोलस पूरन और एडेन मार्करम जैसे विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है, जिससे टीम की बल्लेबाजी और संतुलन दोनों प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एक अच्छी खबर यह है कि श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना की वापसी से उनकी गेंदबाजी मजबूत हुई है। उनकी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी टीम के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकती है, जो आखिरी ओवरों में रन रोकने में मददगार होगी। इन दोनों कप्तानों के रिकॉर्ड भी उनकी टीमों की मौजूदा स्थिति को बखूबी दर्शाते हैं: अजिंक्य रहाणे ने केकेआर के लिए 20 मैचों में 6 जीत और 12 हार देखी हैं, जबकि ऋषभ पंत ने एलएसजी के लिए 21 मैचों में 8 जीत और 13 हार का सामना किया है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दोनों ही कप्तानों को न सिर्फ अपनी टीमों को जीत की राह पर लाना होगा, बल्कि अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से भी मिसाल कायम करनी होगी, वरना उनके कप्तानी करियर पर तलवार लटक सकती है। डेविड/ईएमएस 25 अप्रैल 2026