राष्ट्रीय
26-Apr-2026


- संत सीचेवाल ने बताया राघव चड्ढा ने आज़ाद धड़ा बनाने के लिए किया था संपर्क चंडीगढ़ (ईएमएस)। पंजाब: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों द्वारा पाला बदलने के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटनाक्रम के बीच सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सीएम भगवंत मान के गद्दारी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, वहीं संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने आप नेता राघव चड्ढा पर आज़ाद ग्रुप बनाने की कोशिश करने का बड़ा खुलासा किया है। सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने सीएम भगवंत मान द्वारा लगाए गए गद्दारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब या पंजाबियों से कोई गद्दारी नहीं की है। साहनी ने बताया कि उन्होंने बुधवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी, जहां केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफा देने की सलाह दी थी। हालांकि, दो-तिहाई नियम के गणित को देखते हुए उन्होंने यह कदम नहीं उठाया। साहनी ने स्पष्ट किया कि उनके मन में केजरीवाल या सीएम मान के प्रति कोई शिकवा-गिला नहीं है और वे आज भी पंजाब की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। साहनी ने पंजाब की मौजूदा स्थिति को आइसीयू में बताया और कहा कि जब तक केंद्र और राज्य के बीच तालमेल नहीं होगा, प्रदेश का विकास असंभव है। उन्होंने मजबूत केंद्रीय समर्थन की वकालत की। साहनी ने यह भी कहा कि वे संसद में पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ और पानी के मुआवजे जैसे मुद्दों को मर्यादा में रहकर उठाते रहेंगे। कानून की अपनी समझ के अनुसार, उन्होंने सांसदों के इस कदम को दो-तिहाई विलय के नियम के तहत बताया, हालांकि यह मामला फिलहाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। साहनी ने यह भी साफ किया कि वे फिलहाल सांसद पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं। इस बीच मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने किया है। सीचेवाल ने बताया कि आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने उन्हें 16, 17 और 18 अप्रैल को चाय पर मिलने के लिए बुलाया था। उनके अनुसार, चड्ढा ने एक आज़ाद ग्रुप बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर अन्य सांसदों ने कथित तौर पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि, संत सीचेवाल ने इस ग्रुप का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया और इस संबंध में उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। सतीश मोरे/26अप्रैल ---