राष्ट्रीय
26-Apr-2026


नईदिल्ली (ईएमएस)। भारत अपनी सामरिक क्षमताओं को नई ऊंचाई देने के लिए ‘सुदर्शन चक्र’ नामक अत्याधुनिक अंतरिक्ष सुरक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है। करीब 27,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के तहत कुल 52 उपग्रहों का नेटवर्क बनाया जाएगा। इनमें से 21 उपग्रह इसरो द्वारा विकसित किए जा रहे हैं। 31उपग्रहों का निर्माण निजी कंपनियों के सहयोग से किया जाएगा। यह प्रणाली दुश्मन के हमलों की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी करने में सक्षम होगी। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से लैस यह नेटवर्क दुश्मन के जहाजों, टैंकों और मिसाइलों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। दुश्मन के हमले की सटीक जानकारी रक्षा बलों तक पहुंचाएगा। इससे भारत की वायु, जल और थल—तीनों सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा अत्याधुनिक और अधिक सुदृढ़ होगी। परियोजना के तहत अगले 42 महीनों में सभी उपग्रहों को कक्षा में स्थापित कर सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ‘सुदर्शन चक्र’ के संचालन में आने के बाद भारत को रियल-टाइम निगरानी की जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगी। जिससे भारतीय सेना किसी भी संभावित खतरे को समय रहते हमले को निष्क्रिय करते हुए मुकाबला कर सकेगी। सुदर्शन रक्षा प्रणाली लागू होने के बाद भारत की सीमाएं सुरक्षित होगी बाहरी हमलों से बचाव होगा। एसजे/ 26 अप्रैल /2026