नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को कड़ी फटकार लगाते हुए स्कूल के संचालन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल कर मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 21 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान कहा कि आठ अप्रैल 2024 को पारित आदेश के बावजूद दो वर्षों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। याचिका सोशल ज्यूरिस्ट नामक सिविल राइट्स संगठन द्वारा दायर की गई थी। कोर्ट को बताया गया कि एनटीपीसी लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 तक स्कूल को फंड किया, जिसके बाद फिलहाल केवीएस अंतरिम व्यवस्था के तहत स्कूल चला रहा है। सुनवाई के दौरान केवीएस द्वारा पांच दिसंबर 2025 को शिक्षा मंत्रालय को लिखे गए पत्र को रिकार्ड पर लिया गया। इसमें बता