26-Apr-2026
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वाराणसी (ईएमएस)। गंगा में स्नान के दौरान आए दिन डूबने से मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए घाटों पर सेफ्टी नेट वाली फ्लोटिंग बैरेकैटिंग लगाने की तैयारी है। इसका जल्द काम शुरू हो जाएगा। गंगा में स्नान के दौरान या अक्सर ही डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए गहराई वाले ऐसे घाटों पर नेट वाली बैरेकैटिंग लगेगी।19 घाटों पर नेट वाली बैरेकैटिंग लगाने की तैयारी है। एसीपी ने बताया कि आठ घाटों पर फ्लोटिंग जेटी भी लगेगी, जहां से पुलिस निगरानी करेगी। इसमें तुलसी घाट, जानकी घाट, सिवाला, चौसट्टी, मीरघाट, अहिल्याबाई घाट, प्रयाग और राजघाट है। जल पुलिस प्रभारी सत्येंद्र ओझा ने बताया कि जनवरी से 15 अप्रैल के बीच गंगा में डूबने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जल पुलिस, एनडीआरएफ तथा नाविको की मदद से 72 लोगों को बचाया जा चुका है। एसीपी दशाश्वामेध डॉक्टर अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि अस्सी घाट, तुलसी घाट, जानकी, केदारघाट, हनुमान घाट, प्रहलाद, चौसट्टी, अहिल्याबाई, शीतला, प्रयाग, दशाश्वामेध, मीर,सिंधिया,पंचगंगा, गायघाट, त्रिलोचन, रानी, राजघाट एवं रामनगर के बलुआ घाट पर सेफ्टी नेट वाली फ्लोटिंग बेरेकैटिंग लगाई जाएगी। डॉ नरसिंह राम / 26 अप्रैल 26