26-Apr-2026
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जबलपुर, (ईएमएस)। प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेता सरदार दलवीर सिंह और सुमन कुमार जैन ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में करीब 8 हजार सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, वहीं आगामी वर्ष में 3 हजार और स्कूल बंद होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए छात्राओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है, जो सरकारी स्कूलों की गिरती स्थिति को दर्शाता है। नेताओं के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस रिपोर्ट में सामने आया है कि हजारों सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी के साथ-साथ कंप्यूटर, बिजली, पुस्तकालय, खेल मैदान और बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है। नेताओं ने शासन से मांग की है कि सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही सुझाव दिया गया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जाए और शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार हो सके। सुनील साहू / शहबाज / 26 अप्रैल 2026