लाहौर,(ईएमएस)। चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का एक और अहम उदाहरण सामने आ गया है। चीन ने शनिवार रात पाकिस्तान का नया सैटेलाइट पीआरएसई-ईओ3 सफलतापूर्वक लांच किया। यह प्रक्षेपण उत्तर चीन के शान्शी प्रांत स्थित लांच सेंटर से किया गया, जहां लांग मार्च 6 रॉकेट ने सैटेलाइट को उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। चीन की सरकारी एजेंसी के अनुसार, सैटेलाइट पूरी तरह सुरक्षित है और सामान्य रूप से काम कर रहा है। यह पाकिस्तान के लिए चीन द्वारा लांच किया गया चौथा सैटेलाइट है। इससे पहले 2025 में तीन अन्य सैटेलाइट्स भी चीन ने पाकिस्तान के लिए लांच किए थे। पीआरएसई-ईओ3 मुख्य रूप से पृथ्वी अवलोकन, संचार, मौसम पूर्वानुमान और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पाकिस्तानी की तकनीकी क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी और उस अपने संसाधनों की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी। चीन और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से “ऑल-वेदर एलायंस” की बात होती रही है, यानी हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने वाला रिश्ता। अब यह सहयोग जमीन और समुद्र से आगे बढ़कर अंतरिक्ष तक पहुंच चुका है। चीन न केवल सैटेलाइट लांच सेवाएं दे रहा है, बल्कि तकनीकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) और प्रशिक्षण के जरिए पाकिस्तान के स्पेस प्रोग्राम को मजबूत बनाने में भी मदद कर रहा है। यह साझेदारी चीन के लिए अपने क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने का माध्यम भी है। इसी सहयोग के तहत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 24 अप्रैल को दो पाकिस्तानी युवा चीन पहुंचे हैं, जिन्हें अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया है। वे चीन अंतरिक्ष यात्री केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी होने और सभी परीक्षण पास करने के बाद, इनमें से एक को पेलोड स्पेशलिस्ट के रूप में तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा जाएगा। ऐसा होने पर वह चीन के स्पेस स्टेशन पर जाने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बन जाएगा। पीआरएसई-ईओ3 का सफल लॉन्च और पाकिस्तानी एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग यह दर्शाती है कि दोनों देशों के संबंध अब केवल सैन्य और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहे। अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में यह साझेदारी पाकिस्तान को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही है, वहीं चीन को एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में मजबूती मिल रही है। आशीष दुबे / 26 अप्रैल 2026