क्षेत्रीय
26-Apr-2026
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल में एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जो दर्शाती है कि एक सही निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है। 47 वर्षीय संजय इसरानी को गंभीर ब्रेन हेमरेज के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन डेथ घोषित किया। इस कठिन समय में उनके परिवार ने साहस दिखाते हुए अंगदान के लिए सहमति दी। अपने दुख के बीच लिया गया यह निर्णय एक मरीज के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा। डॉक्टरों द्वारा तय नियमों के अनुसार ब्रेन डेथ की पुष्टि होने के बाद एम्स भोपाल की ट्रांसप्लांट टीम ने अंग निकासी की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान हृदय को सफलतापूर्वक निकाला गया और एक मरीज के जीवन को बचाने के लिए उसका प्रत्यारोपण किया गया। अस्पताल प्रशासन और ट्रांसप्लांट टीम ने इस कठिन समय में परिवार के साहस और उदारता की सराहना की। डॉक्टरों ने बताया कि अंगदान से उन मरीजों को नई जिंदगी मिल सकती है, जो गंभीर बीमारियों के कारण अंग विफलता से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अंगदान के प्रति जागरूक हों और आगे आएं। इससे जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है। एम्स भोपाल लगातार अपने अंगदान और प्रत्यारोपण कार्यक्रम को मजबूत कर रहा है और लोगों को इस नेक काम के लिए प्रेरित कर रहा है। हरि प्रसाद पाल / 26 अप्रैल, 2026