नई दिल्ली (ईएमएस)। आज की डिजिटल दुनिया में हमारा अधिकांश समय कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के सामने बीतता है, ऐसे में आँखों में भारीपन, जलन और पानी आना एक साधारण समस्या बन गई है। अगर आपको सुबह उठते ही आँखों में भारीपन, जलन और चिपचिपाहट महसूस होती है, तो यह केवल आँखों की बाहरी थकावट का नहीं, बल्कि शरीर की भीतरी गड़बड़ी का एक गंभीर संकेत हो सकता है। आयुर्वेद में आँखों में होने वाली इस तरह की जलन, भारीपन या चिपचिपाहट को शरीर के पित्त दोष के असंतुलन से जोड़कर देखा गया है। आयुर्वेद मानता है कि पित्त के असंतुलन से आँखों पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह सिर्फ नींद पूरी न होने के लक्षण नहीं हैं, बल्कि यह शरीर के अंदर पित्त और टॉक्सिन (विषाक्त पदार्थों) के बढ़ने का स्पष्ट संकेत है। शरीर में पित्त की अधिकता होने से आंतरिक गर्मी और जलन बढ़ती है, जिसका सीधा प्रभाव हमारी आँखों पर पड़ता है, जिससे वे लाल, थकी हुई और संवेदनशील महसूस होती हैं। इसके साथ ही, देर रात तक स्क्रीन देखना, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग करना, नींद पूरी न होना, और लिवर पर अधिक दबाव महसूस होना भी इन समस्याओं के पीछे के मुख्य कारण हो सकते हैं, जो पित्त को और बढ़ाते हैं। आयुर्वेद के गहन सिद्धांतों के अनुसार, आँखें शरीर के पित्त से जुड़ी हैं, और पित्त शरीर के रक्त से जुड़ा है, जबकि रक्त पाचन और लिवर से संबंधित है। यह एक जटिल चक्र है: लिवर पर पड़ने वाला दबाव पाचन को प्रभावित करता है, बिगड़ा हुआ पाचन रक्त को प्रभावित करता है, और रक्त में असंतुलन पित्त को प्रभावित करता है। कुल मिलाकर, ये सभी चीजें मिलकर शरीर में एक दूसरे पर काम करती हैं, और इसका समग्र प्रभाव हमारी आँखों पर देखने को मिलता है। इसलिए, आँखों की समस्या को केवल एक स्थानीय परेशानी के रूप में नहीं, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन के एक संकेतक के रूप में देखना चाहिए। अब सवाल यह है कि इस समस्या से आराम पाने और आँखों की देखभाल के लिए क्या उपाय किए जाएं। इसके लिए कुछ सरल और प्रभावी आयुर्वेदिक तथा जीवनशैली संबंधी बदलाव आवश्यक हैं। सबसे पहले, रात को हल्का भोजन करें ताकि पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव न पड़े। सुबह उठते ही ठंडे पानी से अपनी आँखों को धीरे-धीरे धोएं, जिससे आँखों को ताजगी और ठंडक मिलती है। दिन में दो बार त्रिफला जल से आँखों को साफ करना भी अत्यंत फायदेमंद है, क्योंकि त्रिफला आँखों के लिए एक उत्कृष्ट टॉनिक है। ठंडी खीरा या ककड़ी की स्लाइस को आँखों पर रखने से उन्हें तुरंत आराम मिलता है और जलन कम होती है। सबसे महत्वपूर्ण है स्क्रीन टाइम को कम करना और आँखों को नियमित अंतराल पर आराम देना। इसके साथ ही, अपने आहार में विटामिन ए, सी और ई से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें, क्योंकि ये विटामिन आँखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। आँवला, अनार, गाजर, शकरकंद, कद्दू, पपीता, दूध और अंडे जैसे आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सुदामा/ईएमएस 27 अप्रैल 2026