कोरबा (ईएमएस) छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के.आर. शाह ने कोरबा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर के दौरान एक पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने परिषद के छह सूत्रीय कार्यक्रम के पहले एजेंडे बेगुनाह आदिवासी विचाराधीन बंदियों की रिहाई पर हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की। श्री शाह ने जेलों में बंदियों के आंकड़े बताते हुए कहा कि परिषद द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, दंतेवाड़ा जेल में वर्तमान में 520 आदिवासी विचाराधीन बंदी हैं, जो वर्ष 2016 से मार्च 2026 के बीच जेल भेजे गए हैं। इसी तरह, कांकेर जेल में 152 पुरुष और 159 महिला आदिवासी बंदी विचाराधीन हैं, जो वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक की अवधि से कैद में हैं। न्यायिक प्रक्रिया परिषद के विधि सलाहकार वर्तमान में इन सभी मामलों की कानूनी समीक्षा कर रहे हैं। श्री शाह ने स्पष्ट किया कि परिषद सबसे पहले दंतेवाड़ा जिला जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए मई 2026 से औपचारिक रूप से न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। पहली वेबसाइट का शुभारंभ आदिवासी समाज को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 मई को अम्बिकापुर में आयोजित संभाग स्तरीय सम्मेलन में परिषद की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा। कोरबा में आयोजित शिविर के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि परिषद अपने कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज सेवा के लिए तैयार कर रही है। आने वाले समय में इसी तरह के प्रशिक्षण शिविर प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्यों को गति दी जा सके। - 27 अप्रैल