- मदद कर चिकित्सालय पहुंचाने वालों को चिकित्सक द्वारा घंटों रोककर रखने का आरोप कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले के कोरबा-कुसमुंडा मार्ग अंतर्गत शिव मन्दिर चौक के पास रात्रि लगभग 10.30 बजे सड़क किनारे रखे कॉन्क्रीट बेरीकेट से बाइक चालक की जोरदार टक्कर हो गई। कॉन्क्रीट से टकराने से बाइक चालक के सिर और पैर गंभीर चोट लगी। वह सड़क पर ही बेसुध हो कर पड़ा रहा। राह से गुजर रहे कुचेना निवासी ने यह देख विकास नगर एसईसीएल अस्पताल के विभागीय एंबुलेंस से संपर्क किया। चालक एंबुलेंस लेकर तुरंत मौके पर पहुंचा और घायल को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुआ। इस दौरान एम्बुलेंस में अकेले चालक होने की वजह से घायल की मदद के लिए शिव मन्दिर चौक में संजना डेयरी और भोजनालय के संचालक भी एम्बुलेंस पर सवार हो गए। घायल की पहचान चांपा-जांजगीर जिले के बलौदा क्षेत्र अंतर्गत जावलपुर निवासी 27 वर्षीय विष्णु प्रसाद केवट पिता खोलबहारा के रूप में की गयी। जो अपने परिवार के साथ बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत एक शादी में आया हुआ था। वह बांकीमोंगरा से कुसमुंडा की ओर अपनी बाइक से किसी काम से आया हुआ था। इस दौरान कोरबा-कुसमुंडा मार्ग में पसरे अंधेरे की वजह से वह सड़क पर रखे कॉन्क्रीट के बेरीकेट को देख नहीं पाया और वाहन सहित टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसका पैर टूट गया और सिर पर गंभीर चोट लग गई। घायल को लेकर एम्बुलेस जिला अपस्ताल पहुंची। जानकारी के अनुसार आरोप लगाते हुए बताया गया की खून से लथपथ घायल को लेकर पहुंचे एंबुलेंस चालक और व्यवसायी से मौके पर उपस्थित चिकित्सक ने घायल को चिकित्सालय में भर्ती करने से पहले पर्ची बनवाने को बोला, पर्ची भरने तक घायल वैसे ही पड़ा रहा। जैसे-तैसे पर्ची भरी गई, औपचारिकता के बाद घायल को भर्ती किया गया। मौके पर उपस्थित चिकित्सक ने एंबुलेंस चालक को घायल के परिजन के आने तक चिकित्सालय पर रुकने को कहा, एंबुलेंस चालक ने चिकित्सक को बताया कि वह एसईसीएल की विभागीय अस्पताल का एंबुलेस है, वह वाहन को ऐसे नहीं रख सकता। परंतु चिकित्सक मानने को तैयार नहीं हुआ, वह घायल के परिजन आने तक एंबुलेंस चालक को चिकित्सालय में रुकने को कहने लगा। इस बीच कुछ स्थानीय पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने चालक को जाने दिया। वाहन चालक और व्यवसायी ने बताया कि जिस तरह से यहां चिकित्सक व्यवहार कर रहे थे, उन्हें लगा कि वे यहां क्यों आ गए। व्यवहार से ऐसा लगा मानो वे ही इस हादसे के जिम्मेदार है। इस तरह के व्यवहार से तो मदद करना मुश्किल है। इधर घायल के मोबाइल के माध्यम से घायल के परिजनों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी गई। - 27 अप्रैल