क्षेत्रीय
27-Apr-2026
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कांकेर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के 902 प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कांकेर जिले में भी 23 अप्रैल से प्रबंधकों ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे तेंदूपत्ता संग्रहण, खरीदी और भुगतान व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। प्रबंधकों की हड़ताल का सीधा प्रभाव वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लाखों ग्रामीण परिवारों पर पड़ सकता है, जो तेंदूपत्ता संग्रहण से अपनी आजीविका चलाते हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि प्रबंधक पिछले 38 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक नियमितीकरण, वेतनमान, पेंशन और मेडिकल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया। संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण,वेतन मैट्रिक्स लेवल 7, 8 और 9 लागू करना,सेवा सुरक्षा,पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति लंबित भुगतान का निराकरण शामिल हैं। प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 शुरू होने वाला है, लेकिन जमीनी स्तर पर संसाधनों की भारी कमी है। फड़ों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तारपोलिन और कीटनाशक उपलब्ध नहीं हैं। पिछले साल भी मौसम के कारण नुकसान हुआ था, लेकिन समय पर जरूरी संसाधन नहीं मिल सके। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। इस हड़ताल ने तेंदूपत्ता सीजन से पहले ही व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। - ईएमएस 27 अप्रैल 2026