क्षेत्रीय
27-Apr-2026
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इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की विशेष पीठ ने एसडीएम के आदेश के बाद शिवाजी मार्केट को हटाने की नगर निगम और जिला प्रशासन की तैयारी को रोकते मार्केट के दुकानदारों को स्टे दे दिया है जिसके चलते अब अभी शिवाजी मार्केट की दुकानों को नहीं हटाया जा सकेगा। हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर दायर याचिका की गंभीरता को समझते कल रविवार को छुट्टी के दिन भी विशेष पीठ द्वारा याचिका की अर्जेन्ट सुनवाई की गई और दुकाने हटाने के एसडीएम जूनी इंदौर के आदेश पर स्टे लगा दिया। कोर्ट ने इस स्टे के साथ व्यापारियों को कमिश्नर के समक्ष अपील करने के लिए निर्देशित करते यह भी बताया कि अपील निर्णय तक ही एसडीएम का आदेश स्थगित रहेगा। कोर्ट के समक्ष एडवोकेट मनीष यादव एवं एडवोकेट मेहुल वर्मा ने व्यापारियों की ओर से पक्ष रखा था। शिवाजी मार्केट हटाने के एसडीएम जूनी इन्दौर के आदेश के खिलाफ व्यापारियों ने अधिवक्ता मनीष यादव व अधिवक्ता वर्मा के माध्यम हाई कोर्ट इंदौर में याचिका दायर कर हाई कोर्ट के प्रिंसीपल रजिस्ट्रार से जल्द सुनवाई का निवेदन किया और मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख कर 26 अप्रैल को रविवार की छुट्टी के दिन स्पेशल बेंच में सुनवाई के लिए निवेदन किया। इस पर चीफ जस्टिस ने रविवार सुबह 11 बजे न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की स्पेशल बेंच नियत की और स्पेशल बेंच में दोपहर 12 बजे सुनवाई हुई। सुनवाई दौरान एडवोकेट मनीष यादव एवं अधिवक्ता मेहुल वर्मा ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखते हुए कहा कि एसडीएम ने व्यापारियों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए बगैर मात्र 13 दिन में एकतरफा आदेश पारित किया। गत 22 अप्रैल को दिए बेदखली आदेश की सूचना जानबूझकर 24 अप्रैल को दी गई ताकि व्यापारी अपील तक नहीं कर सकें। इस तरह तीन दिन में दुकानें हटाने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने यह भी तर्क दिए कि जिस परिसर में व्यापारियों को विस्थापित किया जा रहा है, वह पर पूरी तरह अवैध है। उसका नक्शा ही नहीं है। कोर्ट ने इन तर्को से सहमत होकर व्यापारियों के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने व्यापारियों को एक सप्ताह में कमिश्नर के समक्ष अपील पेस्तुत करने की अनुमति देते हुए आदेशित किया कि जब तक कमिश्नर अपील के स्थगन अर्जी पर आदेश नहीं देते तब तक एसडीएम का आदेश स्थगित रहेगा। बता दें कि इसके पूर्व में हाई कोर्ट इंदौर ने व्यापारियों के पक्ष में फैसला देते हुए निगम प्रशासन को आदेशित किया था कि इन सभी 120 व्यापारियों को बलपूर्वक बेदखल न किया जाए और बेदखली अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करते हुए कार्रवाई की जाए। इस पर जनवरी 2026 में निगम ने व्यापारियों की लीज निरस्त करते हुए एसडीएम जूनी इंदौर के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया। एसडीएम ने 31 मार्च 2026 को दुकानदारों को नोटिस जारी कर 9 अप्रैल 2026 को पेशी की तारीख नियत की थी। इस पर व्यापारियों की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव व अधिवक्ता मेहुल वर्मा ने जवाब पेश किया जिसे दरकिनार करते एसडीएम ने 22 अप्रैल 2026 को व्यापारियों को बलपूर्वक बेदखल करने के आदेश पारित कर दिए। व्यापारियों को बेदखली आदेश की प्रति के साथ सूचना भी 24 अप्रैल को दी गई। दुकानदारों को हटाने की प्रशासन की पूरी तैयारी थी जो कोर्ट स्टे के बाद धरी रह गई। आनंद पुरोहित/ 27 अप्रैल 2026