अंतर्राष्ट्रीय
27-Apr-2026


-‘हेवी-लिफ्ट एयरक्राफ्ट’ चाहती है बालेन सरकार जो भारी सामान ले जाने में सक्षम हों काठमांडू,(ईएमएस)। अमेरिका और नेपाल के संबंधों में अजीब स्थिति नजर आ रही है। एक तरफ अमेरिका ने नेपाल को फ्री में 6 हेलीकॉप्टर देने की पेशकश की है, वहीं काठमांडू की बालेन सरकार इस ऑफर को सीधे स्वीकार करने के मूड में नहीं है। इसके पीछे वजह सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि रणनीतिक भी मानी जा रही है। बालेन सरकार हेलीकॉप्टर के बदले में कुछ और चाहती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने अपने फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग प्रोग्राम के तहत 2024 में करीब 100 मिलियन डॉलर की मदद के साथ नेपाल को 6 हेलीकॉप्टर देने की पेशकश की थी। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल फायर फाइटिंग, रेस्क्यू ऑपरेशन और रात में मिशन के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल सरकार के अंदर हुई चर्चाओं के बाद साफ हुआ कि हेलीकॉप्टर उनकी मौजूदा जरूरतों की प्राथमिकता में नहीं है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नेपाल को ‘हेवी-लिफ्ट एयरक्राफ्ट’ यानी ऐसे हेलीकॉप्टर या विमान चाहिए जो पहाड़ी इलाकों में भारी सामान जैसे- स्टील, कंक्रीट या निर्माण सामग्री ले जाने में सक्षम हों यानी अमेरिका जो दे रहा है, वह नेपाल के काम का नहीं है, और नेपाल जो चाहता है, वह अमेरिका के ऑफर से अलग है। इसी वजह से नेपाल की सेना अब अमेरिका को एक काउंटर-प्रपोजल भेजने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक इन हेलीकॉप्टरों के रखरखाव, ईंधन, स्पेयर पार्ट्स और ट्रेनिंग की लागत काफी ज्यादा है, जो नेपाल के लिए बोझ बन सकती है। इस पूरे मामले में एक रणनीतिक एंगल भी है। नेपाल फिलहाल चीन, भारत और अमेरिका जैसे बड़े देशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में किसी एक देश के सैन्य ऑफर को सीधे स्वीकार करना उसके लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है। यही वजह है कि अमेरिका की ओर से नेपाल को जो दिया जा रहा है उसे लेने के बजाय जो चाहिए उसकी मांग करने की रणनीति पर चल रहा है। सिराज/ईएमएस 27अप्रैल26 ----------------------------------