वाशिंगटन,(ईएमएस)। मेटा में हो रहे हालिया बदलावों ने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। मार्क जकरबर्ग के नेतृत्व वाली कंपनी फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है, जिसमें करीब 8,000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में आ सकती है। इसके अलावा करीब 6,000 नई नौकरियों को भी फिलहाल रोका गया है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 14,000 जॉब्स पर सीधा असर पड़ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि यह कदम कंपनी के घाटे में होने की वजह से नहीं, बल्कि उसके तेजी से बदलते बिजनेस मॉडल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बढ़ते फोकस के कारण उठाया जा रहा है। दरअसल, मेटा अब खुद को सिर्फ एक सोशल मीडिया कंपनी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि एक एआई-फर्स्ट कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी बड़े पैमाने पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है, ताकि भविष्य में ज्यादा से ज्यादा काम मशीनों और ऑटोमेशन के जरिए हो जाए। इसका सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जिनका काम अब एआई टूल्स आसानी से कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोडिंग, कंटेंट क्रिएशन और डेटा एनालिसिस जैसे कार्य अब तेजी से एआई कर रहा हैं। एआई के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सुंदर पिचाई पहले ही कह चुके हैं कि उनकी कंपनी में लगभग 70 प्रतिशत कोडिंग का काम एआई कर रहा है। इससे साफ है कि टेक सेक्टर में पारंपरिक कोडिंग जॉब्स पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मेटा के अंदर भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां एआई धीरे-धीरे इंसानी श्रम की जगह ले रहा है। हालांकि यह ट्रेंड सिर्फ मेटा तक सीमित नहीं है। माइक्रोसाफट, अमेजन और अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी एआई को अपनाकर अपने वर्कफोर्स को री-स्ट्रक्चर कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 की शुरुआत में ही टेक इंडस्ट्री में हजारों नौकरियां खत्म हो चुकी हैं, जिनमें से करीब 25 प्रतिशत मामलों में एआई एक प्रमुख कारण रहा है। अनुमान है कि इस साल अब तक दुनियाभर में 70,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों को एआई के कारण नौकरी गंवानी पड़ी है। मेटा का मामला इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सिर्फ लागत कम करने की रणनीति नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव का संकेत है। कंपनी एआई पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है ताकि भविष्य में कम लोगों के साथ ज्यादा काम किया जा सके। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ अधिक उत्पादकता हासिल करने की कोशिश करेंगी। कुल मिलाकर, मेटा में हो रहे ये बदलाव इस बात का संकेत हैं कि नौकरी की दुनिया तेजी से बदल रही है। अब एक ही काम को करने के लिए बड़ी टीम की बजाय एआई टूल्स और कुछ कुशल लोगों की जरूरत होगी। यह बदलाव चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन साथ ही यह नई संभावनाओं के दरवाजे भी खोल रहा है। आशीष दुबे / 27 अप्रैल 2026