क्षेत्रीय
27-Apr-2026


० कृषकों को निर्धारित क्षमता के केपेसिटर लगाने की विद्युत विभाग ने दी सलाह गरियाबंद (ईएमएस)। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि मैनपुर क्षेत्र में लो वोल्टेज के संबंध में बताया कि वर्तमान में रबी सीजन चल रहा है। किसानों द्वारा धान के फसल की सिंचाई के लिए एक साथ पंप का उपयोग कर रहे है। पंप कनेक्शनों के लगातार एवं एक साथ उपयोग से इंडक्टिव लोड के कारण पम्प स्टार्ट होते ही हाई करेंट लेता है और लाईन में वोल्टेज कम हो जाता है। पंप लोड के कारण डक्टिव लोड का विपरीत प्रभाव प्रारंभिक उप-केन्द्रों से निर्गत आपूर्ति में कमी के रुप में परिलक्षित होता है। जिससे विद्युत आपूर्ति प्रवाह में कमी या विद्युत आपूर्ति में गिरावट आती है। मोटर पंप स्टार्ट होने में हाई करेंट के कारण सप्लाई सिस्टम के वोल्टेज पर असर पड़ता है तथा ट्रांसफार्मर पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है। विद्युत लाईन में वोल्टेज कम होने से एंड प्वाईंट पर वोल्टेज बहुत कम मिल पाता है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र राजिम, धमतरी, बालोद व गरियाबंद सिंचाई प्रधान हैं। जिनकी शीर्ष विद्युत सप्लाई प्रणाली मुख्यतः एक ही उपकेन्द्रों से की जाती है। इन क्षेत्रों में इंडक्टिव लोड का असर पूरे क्षेत्र के साथ-साथ शीर्ष स्तर के सप्लाई सिस्टम पर भी पड़ता है। शीर्ष विद्युत सप्लाई प्रणाली संरचना में गरियाबंद संभाग अंतर्गत मैनपुर व देवभोग अंतिम छोर में स्थित हैं। जिसके कारण वोल्टेज वर्तमान सीजन में बहुत कम हो जाता है तथा लो-वोल्टेज की समस्या निर्मित होती है। इन समस्या के निराकरण हेतु विद्युत विभाग द्वारा कृषकों को उचित क्षमता के केपेसिटर या 5 अश्वशक्ति के पंप हेतु 3 केवीएआर 3 अश्वशक्ति के पंप हेतु 2 केवीएआर के केपेसिटर लगाने के लिए सलाह दी गई है। वर्तमान में सिंचाई पंप कनेक्शन का उपयोग अपने उच्चतम स्तर पर है, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई है, जो कि अस्थायी है। पंप कनेक्शन के उपयोग कम होने पर स्वतः ही सप्लाई सामान्य रुप से बहाल हो जायेगी। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/27 अप्रैल 2026