० परंपरागत ग्रिड विद्युत के लिए 900 करोड़ से अधिक राशि की होगी आवश्यकता ० ओड़िसा सीमा क्षेत्र के कोदोमाली गांव का मामला नियामक आयोग में लंबित गरियाबंद (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्युशन कंपनी लिमिटेड के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि मैनपुर विकासखण्ड के गरीबा, कोदोमाली, गौरगांव व आसपास के ग्राम इस प्रकार वर्तमान में मैनपुर विकासखंड के अंतर्गत 45 ग्राम तथा गरियाबंद विकासखंड के अंतर्गत 08 ग्राम, इस प्रकार कुल 53 ग्राम गैर-परंपरागत तरीके (ऑफग्रिड) सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत हैं। उन्होंने बताया कि इन ग्रामों में स्थापित सौर संयंत्र का संचारण-संधारण क्रेडा विभाग के माध्यम से किया जाता है। परंपरागत तरीके से (ग्रिड) के माध्यम से विद्युतीकरण करने के लिए लगातार उच्च कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित की गई है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के विनियम प्रकाशन तिथि 08 जून 2023 के प्रावधानों के अनुसार संरक्षित क्षेत्रों राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य संरक्षण रिजर्व, सामुदायिक रिजर्व में विद्युतीकरण यथा-33 केव्ही एवं इससे निम्न वोल्टेज की विद्युत लाईनों हेतु भूमिगत केबल के माध्यम से किये जाने के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। जिले के कुल 53 ग्रामों के विद्युतीकरण हेतु प्रावधान 294.00 किलोमीटर 11 केव्ही लाईन, 117.61 किमी. एल.टी. लाईन तथा 187 नग ट्रांसफार्मर इसकी कुल राशि 900 करोड़ 63 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। उक्त अनुमानित राशि के लिए वर्तमान में लागू राशि भी शामिल है तथा विद्युत कंपनी द्वारा वर्तमान में लागू सेड्यूल ऑफ रेट 2025-26 अनुसार प्राक्कलन राशि की गणना की गई है। इन ग्रामों को परंपरागत तरीके से विद्युतीकरण हेतु अत्यधिक बजट/फंड की आवश्यकता होगी। अतः प्रशासकीय स्वीकृति एवं वन विभाग से अनुमति उपरांत उक्त ग्रामों का विद्युतीकरण कार्य किया जाना संभव होगा। ओड़िशा राज्य से देवभोग क्षेत्र के अंतिम छोर में स्थित कोदोमाली, ग्राम पंचायत साहेबिनकछार में 11 के.व्ही. विद्युत लाईन की अनुमति के बारे में बताया गया है कि ग्राम कोदोमाली के परंपरागत तरीके से विद्युतीकरण हेतु प्रकरण ओड़िसा राज्य के विद्युत नियामक आयोग में अनुमति हेतु प्रक्रियाधीन है। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/27 अप्रैल 2026