क्षेत्रीय
27-Apr-2026


रायपुर (ईएमएस)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आयोजित प्राक्कलन समिति (Estimate Committee) की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के आर्थिक विकास, बैंकिंग व्यवस्था और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में वित्त मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, एसबीआई, जम्मू-कश्मीर बैंक और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान सांसद ने ऋण वितरण में आई गिरावट पर चिंता जताते हुए बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुद्रा और स्वनिधि जैसी योजनाओं में पंजीयन तो हो रहे हैं, लेकिन लाभार्थियों तक वास्तविक राशि पहुंचने की गति धीमी है। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में ऋण वितरण का विस्तृत विवरण भी मांगा। सांसद अग्रवाल ने कौशल विकास और पारंपरिक कारीगरी के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय कारीगरों को सशक्त किए बिना क्षेत्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित करने हेतु कौन से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर में कृषि उत्पादों की भरपूर उपलब्धता है, लेकिन प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी के कारण संभावित आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। धारा 370 हटने के बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि अब प्राथमिकता क्षेत्र के लोगों को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की होनी चाहिए। उन्होंने बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स और उद्योगों की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीयन के मुकाबले कम ऋण वितरण पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की बात कही। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/27 अप्रैल 2026