राष्ट्रीय
27-Apr-2026


142 सीटों पर दांव पर 1448 उम्मीदवारों की किस्मत कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को प्रचार थम गया। दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण में राज्य की 152 सीटों के लिए मतदान हुआ था। पहले चरण के मतदान के बाद तृणमूल और भाजपा दोनों ने निर्णायक बढ़त मिलने का दावा किया है मगर साल 2021 के चुनाव में इन 152 सीटों में से 93 पर तृणमूल को और 59 पर भाजपा को जीत मिली थी। ऐसे में राजनीतिक दल चाहे जो कहें, दूसरे चरण का मतदान राज्य की सत्ता का निर्धारण करेगा। दूसरे चरण के तहत जिन सीटों पर मतदान होना है उन्हें ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में 142 में से 123 सीटों पर टीएमसी ने जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा को केवल 18 पर जीत हासिल हुई थी। एक सीट पर अन्य ने जीत दर्ज की थी। दूसरे चरण में राज्य के प्रेसीडेंसी डिवीजन इलाके की सभी सीटों के लिए मतदान होना है। चुनावी जानकार मानते हैं कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी यह प्रेसिडेंसी डिविजन के मतदान से तय होता है। पिछले तीन चुनावों में इस इलाके में ममता बनर्जी की पार्टी का वर्चस्व रहा है। दांव पर 1448 उम्मीदवारों की किस्मत पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में 142 सीटों पर कुल 1448 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है। टीएमसी और कांग्रेस ने दूसरे चरण की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं भाजपा एक सीट छोडक़र 141 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दूसरे चरण के अंतर्गत साउथ 24 परगना, नॉर्थ 24 परगना, हावड़ा, नदिया, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान और पश्चिम बर्धमान जिलों की सीटों पर वोटिंग होने वाली है। भवानीपुर में आमने-सामने सुवेंदु-ममता दूसरे चरण में ही भवानीपुर में भी वोटिंग होने वाली है, जहां से सुवेंदु अधिकारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आमने-सामने हैं। भवानीपुर ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। वहीं सुवेंदु पहली बार भवानीपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। 2021 में टीएमसी ने बड़ी जीत दर्ज की थी। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और टीएमसी के बीच वोटों का अंतर 8 हजार के करीब था, जबकि टीएमसी को बढ़त हासिल हुई थी, ऐसे में भवानीपुर दिलचस्प हो गया है। 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा दिया था। बॉर्डर इलाकों में भी वोटिंग दूसरे चरण में नॉर्थ 24 परगना जिले की बोंगो, बगदा, बशीरहाट, स्वरूपनगर और दक्षिण 24 परगना की हिंगलगंज और संदेशखली जैसी सीटें बांग्लादेश की सीमा से सटी हुई है। इन इलाकों में पिछली बार भाजपा एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई थी। हालांकि उसके बाद से इन क्षेत्रों पर भाजपा ने फोकस किया और लगातार प्रदर्शन किए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले संदेशखली सुर्खियों में छाया हुआ था। इन इलाकों में सीएए भी बड़ा मुद्दा है और भाजपा लगातार घुसपैठियों का जिक्र कर इस मुद्दे को उठाती रहती है। जहां बांग्लादेश से सटे इलाकों में टीएमसी मजबूत रही है, वहीं भाजपा इस बार घुसपैठ और बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते अवैध एंट्री का मुद्दा बनाकर अच्छा प्रदर्शन करने पर जोर दे रही है। ढाई लाख जवानों की तैनाती दूसरे चरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त की गई है। करीब ढाई लाख जवान 142 सीटों पर तैनात किए गए हैं, जो हर एक गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में कई संवेदनशील बूथ भी हैं, जहां पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई है। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद कई क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थी, इसको भी ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने इस बार दूसरे चरण के मतदान के लिए करीब 16,000 केंद्रीय कर्मचारियों को पीठासीन अधिकारी और पोलिंग अधिकारी के रूप में तैनात करने का फैसला लिया है। ये सभी स्थायी केंद्रीय कर्मचारी होंगे। आयोग का कहना है कि इस कदम से मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुल 2,231 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। अकेले कोलकाता में ही 237 कंपनियां लगाई जाएंगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। विनोद उपाध्याय / 27 अप्रैल, 2026