अंतर्राष्ट्रीय
27-Apr-2026


तेहरान/वॉशिंगटन (ईएमएस) अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे वॉशिंगटन का समर्थन करने से बचें। ईरान के उपराष्ट्रपति इस्माइल सग़हाब इस्फहानी ने कहा है कि यदि ईरान के तेल कुओं समेत किसी भी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो तेहरान चार गुना जवाब देगा। इस्फहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “हम किसी भी युद्ध जैसी कार्रवाई का जवाब देंगे। यदि नाकेबंदी के कारण हमारे तेल कुओं सहित किसी भी ढांचे को नुकसान पहुंचता है, तो आक्रामक देश का साथ देने वाले देशों को चार गुना नुकसान झेलना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम गणित अलग तरीके से करते हैं। एक तेल कुएं के बदले चार तेल कुएं।” इस बयान को अमेरिका समर्थक देशों के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि लगातार दबाव के चलते ईरान की तेल आपूर्ति और भंडारण क्षमता प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “ईरान आर्थिक रूप से टूट रहा है। वे चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोला जाए। नकदी की भारी कमी है और रोजाना 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है।” बाद में फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो कुछ ही दिनों में ईरान की तेल पाइपलाइन व्यवस्था गंभीर संकट में पहुंच सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बयानबाजी मध्य-पूर्व में नई अस्थिरता के संकेत मानी जा रही है। सुबोध/२७ -०४-२०२६