क्षेत्रीय
27-Apr-2026


उज्जैन (ईएमएस)। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अभिभावकों के बच्चे मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में निशुल्क अध्ययन कर रहे हैं, किन्तु शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में कक्षा 8 वीं तक ही निशुल्क अध्ययन का प्रावधान है। निजी विद्यालयों में कक्षा 9 में निशुल्क प्रवेश नहीं दिया जाता है। शासकीय उत्कृष्ट, सांदीपनी विद्यालयों एंव अन्य शासकीय विद्यालयों में भी इन छात्रों को प्रवेश यह कहकर नहीं दिया जाता है कि वे पहले शासकीय विद्यालयों के बच्चों को ही प्रवेश देंगें । इस विषय को संज्ञान में लाते हुए महापौर मुकेश टटवाल द्वारा मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा 8 उत्तीर्ण होने के उपरांत कक्षा 12 तक निशुल्क अध्ययन की व्यवस्था जारी रखे जाने हेतु नियमों में संशोधन करने की कृपा करें एवं शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, सांदीपनी विद्यालय एवं अन्य शासकीय विद्यालयों में भी इन बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश प्राप्त हो सके इस हेतु भी सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों को आदेश प्रसारित करने का कष्ट करें* ईएमएस/ रामचंद्र गिरी/ 27 अप्रैल 2026