प्रयागराज,(ईएमएस)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पारिवारिक कानूनों और उत्तराधिकार के अधिकारों पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक की डिक्री पारित हो जाती है, लेकिन तय समझौता राशि का भुगतान होने से पहले ही पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी मां उस धन को प्राप्त करने की कानूनी उत्तराधिकारी होगी। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की एकल पीठ ने मृतका की मां किरन रायकवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। यह मामला बांदा के फैमिली कोर्ट से जुड़ा है, जहां एक दंपति ने आपसी सहमति से तलाक लिया था। समझौते की शर्तों के अनुसार, पति को अपनी पत्नी को कुल 20 लाख रुपये का भुगतान करना था। इसमें से 4 लाख रुपये दिए जा चुके थे, जबकि शेष 16 लाख रुपये का चेक तैयार होने की प्रक्रिया के दौरान ही महिला की असामयिक मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतका की मां ने उस राशि पर अपना दावा पेश किया, जिसे हाईकोर्ट ने अब वैध माना है। अदालत ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धाराओं का सूक्ष्म विश्लेषण किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 14 के तहत किसी हिंदू महिला द्वारा प्राप्त संपत्ति—चाहे वह भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) के रूप में हो या किसी अदालती डिक्री के माध्यम से—उसकी पूर्ण संपत्ति मानी जाती है। यह कोई सीमित अधिकार नहीं है जिसे उसकी मृत्यु के बाद छीना जा सके। उत्तराधिकार के नियमों (धारा 15) की व्याख्या करते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि महिला की कोई संतान नहीं है और तलाक के कारण पति का कानूनी दर्जा समाप्त हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में उसकी संपत्ति का अधिकार उसके माता-पिता को हस्तांतरित हो जाता है। हाईकोर्ट ने पति की उस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें तर्क दिया गया था कि यह राशि केवल पत्नी के निजी गुजारे के लिए थी और उसकी मृत्यु के बाद भुगतान का औचित्य खत्म हो गया है। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट में जमा यह धनराशि अब मृतका की संपदा का हिस्सा है और नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 146 के तहत मां कानूनी प्रतिनिधि के रूप में इस राशि की हकदार है। हाईकोर्ट ने प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट बांदा को निर्देशित किया है कि वह दो सप्ताह के भीतर 16 लाख रुपये की राशि मृतका की मां को जारी करें। वीरेंद्र/ईएमएस/28अप्रैल2026 ---------------------------------