राष्ट्रीय
28-Apr-2026
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार देश-विरोधियों का साथ दे रही है। और उन्हें बचा रही है। बेंगलुरु में जेल में बंद उमर खालिद का महिमामंडन करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम की अनुमति दी गई है। वही व्यक्ति जिसे सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया है, और 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश में उसकी भूमिका को मुख्य और प्रमुख सूत्रधार बताया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूनावाला ने आगे लिखा- यह वही उमर खालिद है, जिसने खुलेआम कश्मीर को भारत का कब्जा किया हुआ बताया था। क्या कर्नाटक की कांग्रेस सरकार अब खुलेआम अलगाववाद का समर्थन कर रही है? शर्मनाक! यह इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं, बल्कि एंटी नेशनल कांग्रेस है। शरजील से लेकर उमर तक, याकूब से लेकर अफजल तक ये हर किसी का समर्थन करते हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उनके पास खालिद के खिलाफ पर्याप्‍त सबूत हैं। एफआईआर में सब-इंस्‍पेक्‍टर अरविंद कुमार ने एक इन्‍फॉर्मर के हवाले से कहा कि उमर खालिद ने किसी दानिश नाम के शख्‍स और दो अन्‍य लोगों के साथ मिलकर दिल्‍ली दंगों की साजिश रची थी। एफआईआर कहती है कि खालिद ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान नागरिकों से बाहर निकलकर सड़कें ब्‍लॉक करने को कहा ताकि अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रॉपेगैंडा फैलाया जा सके। दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा था कि दंगों से पहले हुसैन ने उमर खालिद और यूनाइटेड अगेंस्‍ट हेट के खालिद सैफी से मुलाकात की थी। इस बैठक में उमर ने हुसैन से कहा कि ट्रंप की यात्रा के वक्‍त कुछ बड़ा करने के लिए तैयार रहें। चार्जशीट के मुताबिक उमर ने कहा कि वह और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के लोग ताहिर की वित्‍तीय मदद करेंगे। सिराज/ईएमएस 28अप्रैल26 ---------------------------------

खबरें और भी हैं

राष्ट्रीय फोटो - टीएमसी और बीजेपी चुनाव चिंह फैलादी सट्टा बाजार में दीदी की वापसी, जबकि भविष्यवाणी मंच में बीजेपी को बढ़त कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माया हुआ है। पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां जोरों पर हैं। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि राज्य की सत्ता इस बार किसके हाथ में जाएगी। क्या सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रख पाएगी या बीजेपी इतिहास रचते हुए सत्ता परिवर्तन करेगी? हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारतीय निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार सभी चरणों के मतदान समाप्त होने से पहले किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल या सर्वे जारी करना प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग ने 9 से 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे तक इस पर सख्त रोक लगाई है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126ए के तहत यह प्रतिबंध कानूनी रूप से लागू है और उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान भी है। मुख्यधारा की मीडिया संस्थाए