राष्ट्रीय
29-Apr-2026
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मुंबई (ईएमएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट चश्मे अब दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। सामान्य से दिखाने वाले ये चश्मे आधुनिक कैमरा और एआई प्रोसेसर से लैस होते हैं, जो आसपास के वातावरण को समझकर उपयोगकर्ता को ऑडियो के माध्यम से जानकारी प्रदान करते हैं। इससे दृष्टिबाधित लोग अधिक आत्मनिर्भर और सुरक्षित तरीके से अपने दैनिक कार्य कर पाते हैं। इन चश्मों की सबसे खास विशेषता “लुक एंड टेल” फीचर है, जो आसपास मौजूद वस्तुओं, लोगों और वातावरण का वर्णन करता है। इसके साथ ही ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) तकनीक की मदद से यह किसी भी लिखे या छपे हुए टेक्स्ट—जैसे किताब, मेन्यू या सड़क संकेत को पढ़कर तुरंत आवाज में बदल देता है। एआई स्मार्ट चश्मे चेहरों और वस्तुओं की पहचान करने में भी सक्षम हैं। यह उपयोगकर्ता को बताता है कि सामने कौन व्यक्ति है या आसपास कौन सी वस्तु मौजूद है। इससे सामाजिक संपर्क आसान हो जाता है और व्यक्ति अधिक आत्मविश्वास के साथ बातचीत कर सकता है। चलते समय ये चश्मे बाधाओं का पता लगाकर उपयोगकर्ता को समय पर चेतावनी देता हैं। कुछ उन्नत मॉडल हल्के कंपन या आवाज के माध्यम से अलर्ट भेजते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा इनमें मुद्रा पहचान, लाइव सहायता और भाषा अनुवाद जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उपयोगकर्ता “बी मॉय आइस” जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़कर वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयंसेवकों की मदद भी ले सकते हैं। भारत में कई कंपनियां और स्टार्टअप, जैसे इनविजन इस तकनीक को विकसित कर रहे हैं और मोबाइल ऐप्स से जोड़कर और भी उपयोगी बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक केवल एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए “डिजिटल आंख” की तरह है, जो उन्हें समाज में अधिक स्वतंत्र, सुरक्षित और सक्रिय जीवन जीने में सक्षम बनाती है। आशीष/ईएमएस 29 अप्रैल 2026