नई दिल्ली (ईएमएस)। तीस हजारी स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो दशक से अधिक पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के संयुक्त निदेशक रामनीश और दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एसीपी वीके पांडे को तीन माह के कारावास सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2000 में एक आइआरएस अधिकारी के घर छापेमारी के दौरान मारपीट और अवैध तरीके से प्रवेश करने से जुड़ा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट की अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत में सजा पर बहस के दौरान यह मामला सामने आया कि 19 अक्टूबर 2000 को सीबीआइ की टीम ने पश्चिम विहार स्थित आइआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के घर छापा मारा था। शिकायतकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि टीम ने तड़के सुबह उनके घर में जबरन प्रवेश किया, उनके साथ मारपीट की और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कानूनी प्रविधानों का उल्लंघन किया। मामले में दोनों अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 323 (मारपीट), 427 (नुकसान पहुंचाना) और 448 (आपराधिक अतिक्रमण) के तहत दोषी ठहराया गया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/29/अप्रैल /2026