नई दिल्ली (ईएमएस)। शालीमार बाग क्षेत्र में पहले एक करोड़ और फिर डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी कर पुलिस को छकाने वाली घरेलू सहायिका आखिरकार पकड़ में आ ही गई। घरेलू सहायिका रोहिणी सेक्टर-11 में अपनी तीन बहनों व मां के साथ रह रही थी और मूल रूप से चेन्नई की रहने वाली है। पुलिस ने आरोपित को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। शालीमार बाग से रोहिणी तक लगभग दो सौ सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस को उसकी एक झलक मिली, इसी आधार पर पुलिस आरोपित तक पहुंच पाई। पुलिस आरोपित महिला के परिवार के सदस्यों व सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को मकान से डेढ़ करोड़ रुपये के आभूषण व नकदी चोरी की घटना के नौवें दिन पुलिस ने आरोपित महिला को पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारी ने आरोपित को हिरासत में लेने की पुष्टि की है। अधिकारी ने बताया कि महिला का नाम सोना है, वह लंबे समय से अपने परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर-11 में रही है। 45 वर्षीय महिला मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली है। सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने बीते नौ दिन के दौरान शालीमार बाग से लेकर रोहिणी के बीच लगे लगभग दो सौ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और इस दौरान संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी। रोहिणी के एक कैमरे में महिला की झलक दिखी, इसके बाद उस पर लगातार नजर रखी और उसे रोहिणी से दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपित से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके परिवार के कुछ सदस्यों व करीबियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी की इन वारदातों में कई लोग शामिल हैं। पुलिस को शक है कि मकानों में घरेलू सहायिका की जरूरत के संबंध में जानकारी जुटाने और रेकी करने का नेटवर्क भी अलग से काम कर रहा है। पुलिस कड़ियां जोड़कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/29/अप्रैल /2026