वाशिंगटन,(ईएमएस)। नासा का आर्टेमिक-2 अंतरिक्ष यान अपनी ऐतिहासिक चांद यात्रा पूरी कर फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर वापस आ गया है। एक महीने पहले जिस स्थान से इस मिशन ने उड़ान भरी थी, वहीं इस मूनशिप की सुरक्षित वापसी अंतरिक्ष विज्ञान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह कैप्सूल, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर घूमे थे, अब केनेडी स्पेस सेंटर पर वापस आ गया है। ठीक उसी जगह जहां से इसकी ऐतिहासिक यात्रा करीब एक महीने पहले शुरू हुई थी। यह मिशन इंसानी अंतरिक्ष खोज के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि 50 से ज़्यादा सालों में यह पहली बार था जब अंतरिक्ष यात्री चांद पर गए और वापस लौट आए। ऑरिऑन कैप्सूल 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में उतरा, जिससे अंतरिक्ष में उसका करीब 10 दिन का मिशन खत्म हो गया। उसके बाद, इसे सेनडिगो से कापे कारनेवाल तक ट्रक से बहुत सावधानी से पहुंचाया गया। अब जब यह वापस आ गया है, तो इंजीनियर इसकी बारीकी से जांच करेंगे। खास तौर पर हीट शील्ड पर ध्यान दिया जाएगा, जिसने पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय कैप्सूल को जलने से बचाया था। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और रिसर्च के सामान समेत दूसरे हिस्सों की भी जांच की जाएगी, उनकी मरम्मत की जाएगी, या उन्हें भविष्य के मिशनों के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक इस कैप्सूल को इसके क्रू ने इंट्रेगिरी नाम दिया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में इतनी दूर तक ले गया, जहां तक कोई भी इंसान पहले कभी नहीं गया था। नासा के अधिकारियों के मुताबिक ऑनबोर्ड टॉयलेट में एक छोटी सी दिक्कत के बावजूद, अंतरिक्ष यान ने पूरे मिशन के दौरान बहुत अच्छा काम किया। इस यात्रा की सफलता से पता चलता है कि गहरे अंतरिक्ष की यात्रा के लिए बनाए गए सिस्टम ठीक वैसे ही काम कर रहे हैं, जैसा सोचा था। भले ही आर्टेमिक-2 खत्म हो गया है, लेकिन अगले मिशन की तैयारी पहले से ही चल रही है। आर्टेमिक-3 में एक नया कैप्सूल और एक अलग क्रू होगा। सीधे चांद पर जाने के बजाय, इस मिशन का मकसद पृथ्वी की कक्षा में डॉकिंग के तरीकों का अभ्यास करना होगा। इन टेस्ट में वे लूनर लैंडर शामिल होंगे, जिन्हें अभी निजी कंपनियां बना रही हैं। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो यह नासा को भविष्य में चांद पर उतरने वाले मिशन के लिए तैयार करेगा। शायद 2028 तक। सिराज/ईएमएस 29अप्रैल26 ----------------------------------