मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई में कुल 174 इमारतों को अत्यंत जर्जर और खतरनाक घोषित किया गया है, जिनमें 141 निजी इमारतें शामिल हैं। इनमें से 72 इमारतों को खाली कराया जा चुका है, जबकि कई अन्य इमारतें न्यायालयीन विवादों में फंसी होने के कारण खाली कराने और गिराने में मुश्किलें आ रही हैं। मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए मुंबई महानगरपालिका आयुक्त आश्विनी भिडे ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि महानगरपालिका अधिनियम 1888 की धारा 354 के तहत इन 174 इमारतों को “अतिधोकादायक और जर्जर” घोषित किया गया है। 141 निजी इमारतों में से 32 इमारतें शहर क्षेत्र में हैं जबकि 80 पश्चिम उपनगरों में एवं 29 पूर्व उपनगरों में हैं। महानगरपालिका ने इन इमारतों के निवासियों को बार-बार घर खाली करने के नोटिस दिए हैं, लेकिन कुछ इमारतों में अभी भी लोग रह रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से तुरंत इमारत खाली करने की अपील की है। बताया गया है कि इन 174 खतरनाक इमारतों में 72 इमारतें खाली कराई गई हैं तथा 71 इमारतों पर अदालत की रोक लगी है। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि किसी इमारत के गिरने से जान-माल का नुकसान होता है, तो वहां रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा म्हाडा की खतरनाक इमारतों की भी मरम्मत और निगरानी की जा रही है। रेलवे ट्रैक के पास स्थित पुरानी और जर्जर इमारतों के प्रस्ताव रेलवे को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में पुनर्विकास योजनाओं में उन्हें ध्यान में रखा जा सके। स्वेता/संतोष झा- २९ अप्रैल/२०२६/ईएमएस