नई दिल्ली (ईएमएस)। लगभग 10 लाख स्टूडेंट्स के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा के लिए, नागरिक अधिकार समूह सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव संजीव आहूजा के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। एडवोकेट अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष के जरिए दायर इस याचिका में, अदालत के आदेशों की जानबूझकर और इरादतन अवहेलना के लिए, अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 11 और 12 के तहत अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। एनजीओ की याचिका के मुताबिक, 2026-27 का शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल, 2026 को शुरू हो गया है, फिर भी दिल्ली सरकार के स्कूलों में I से 8 क्लास तक के बच्चों को उनकी निर्धारित किताबें या कॉपियां नहीं मिली हैं। इस स्थिति को चिंताजनक बताया गया है, क्योंकि स्कूलों में 9 मई, 2026 से गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, जिससे स्टूडेंट लंबे समय तक बिना किसी पढ़ाई सामग्री के रह जाएंगे। सोशल ज्यूरिस्ट के वकीलों का तर्क है कि यह निष्क्रियता, शिक्षा सचिव द्वारा 8 अप्रैल, 2024 को हाई कोर्ट को दिए गए साफ आश्वासन और उसके बाद 4 जुलाई, 2024 को जारी आदेश का उल्लंघन है। उन सुनवाइयों के दौरान, विभाग ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि किताबें और लिखने की सामग्री समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी और इनकी खरीद के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है। याचिकाकर्ता ने 23 अप्रैल, 2026 को प्रतिवादी को एक कानूनी नोटिस भेजा था, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसी के चलते अब दंडात्मक कार्रवाई के लिए यह औपचारिक याचिका दायर की गई है। इस मामले के जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट से समक्ष सुनवाई होने की उम्मीद है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/29/अप्रैल /2026