क्षेत्रीय
29-Apr-2026
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- नल-जल योजनाओं में पलिता, पीएचई विभाग के ठंडे दफ्तर और बूंद-बूंद के लिए तलावली की महिलाओं का खौफनाक संघर्ष प्यासा है पूरा जिला, सिस्टम की चेन टूटी, तलावली में तार से हैंडपंप जोडक़र प्यास बुझा रही महिलाएं गुना (ईएमएस) । भीषण गर्मी के प्रकोप और 44 डिग्री के पार जाते पारे के बीच गुना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। एक तरफ सरकार नल-जल योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के चांचौड़ा विकासखंड के ग्राम तलावली से सामने आई तस्वीरें सिस्टम को शर्मसार करने वाली हैं, जहाँ पिछले चार दिनों से हैंडपंप की चेन टूटी पड़ी है और महिलाएं खुद तार के टुकड़ों से उसे जोडक़र पानी भरने को मजबूर हैं। दफ्तरों से नदारद अधिकारी, घर बैठे चल रहा काम? लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं में है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो जिले में विभाग का काम भगवान भरोसे चल रहा है। शिकायत है कि जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में बैठते। जब भी कोई फरियादी या काम से कोई पहुँचता है, तो रटा-रटाया जवाब मिलता है कि मैडम/साहब कलेक्टर ऑफिस या जिला पंचायत में हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब अधिकारी दफ्तर में ही नहीं मिलेंगे, तो भीषण गर्मी में प्यासी जनता की पुकार कौन सुनेगा? पीएचई विभाग के इस वर्क फ्रॉम होम कल्चर ने ग्रामीण जल प्रदाय व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। ग्राम तलावली, तार से चेन जोडक़र प्यास बुझा रही महिलाएं चांचौड़ा के ग्राम तलावली में प्रशासनिक अनदेखी की पराकाष्ठा देखने को मिली है। यहाँ मुख्य हैंडपंप की चेन टूट जाने से ग्रामीण बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी सूचना होने के बावजूद कोई मैकेनिक नहीं पहुँचा। मजबूरन गांव की महिलाएं छोटे-छोटे तार के टुकड़ों से हैंडपंप की चेन को जोड़ती हैं और फिर जान लगाकर पानी खींचती हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासन के दावों की पोल खोलती है, बल्कि विभाग की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। सरपंचों के कब्जे में ट्यूबवेल, कागजों पर नल-जल योजना पूरे जिले के ग्रामीण इलाकों में जल संकट का असली कारण योजनाओं में लगा पलिता है। कई गांवों में ट्यूबवेल तो हैं, लेकिन उन पर रसूखदारों या सरपंचों का कब्जा है, जिनका उपयोग केवल उनके निजी स्वार्थ के लिए हो रहा है। नल-जल योजनाएं केवल फाइलों में पूरी हैं, जबकि जीरो ग्राउंड पर लोग आज भी कुओं और खराब हैंडपंपों के भरोसे हैं। जिले के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि पीएचई विभाग का औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि हकीकत सामने आ सके और प्यासी जनता को राहत मिल सके। -सीताराम नाटानी