राष्ट्रीय
29-Apr-2026
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-नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम जयपुर,(ईएमएस)। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत अवधि 25 मई तक बढ़ा दी है। आसाराम की जमानत अवधि 6 मई को खत्म हो रही थी। आसाराम ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था। उस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने बुधवार को आसाराम की जमानत अवधि को 25 मई तक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आसाराम की ओर से पैरवी करते हुए उनके वकील यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट उनकी अपील पर सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि आसाराम का इलाज अभी जारी है। ऐसे में इलाज पूरा होने तक जमानत की अवधि बढ़ाई जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 29 अक्टूबर 2025 को जमानत दी थी। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की डिवीजन बेंच ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया था। रिपोर्ट के मुताबिक याचिका मेडिकल आधार पर लगाई गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट से आसाराम को तब पहली बार जमानत मिली थी। इससे पहले अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद उसने 30 अगस्त 2025 को सरेंडर किया था। बता दें नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अप्रैल 2018 से आजीवन कारावास की सजा आसाराम काट रहा है। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत दी गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट में 29 अक्टूबर 2025 को आसाराम की सजा स्थगन और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की याचिका पर सुनवाई हुई थी। आसाराम की ओर से दिल्ली से आए सीनियर वकील ने पैरवी की थी। राजस्थान सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक चौधरी ने दलील रखीं। पीड़िता की ओर से एडवोकेट पीसी सोलंकी ने पैरवी की। सभी पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने 6 महीने की जमानत दी थी। यह जमानत 6 मई 2026 को खत्म हो रही थी। सिराज/ईएमएस 29अप्रैल26