• एम्स भोपाल के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पंकज प्रसाद और डॉ. दीप्ति डाबर ने फिलीपींस में आयोजित वोंका (WONCA) एशिया पैसिफिक क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में भाग लिया। • सम्मेलन का आयोजन 25 से 27 मार्च 2026 के दौरान इलोइलो सिटी, फिलीपींस में हुआ, जिसमें वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों ने भाग लिया। • डॉ. पंकज प्रसाद ने ‘मध्य भारत की जनजातीय आबादी में सर्पदंश पीड़ितों के बीच उपचार प्राप्त करने की प्रवृत्ति’ पर आधारित आईसीएमआर वित्तपोषित शोध प्रस्तुत किया। • डॉ. दीप्ति डाबर ने ‘भारत में मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता स्केल का हिंदी में अंतर-सांस्कृतिक अनुकूलन और प्रमाणीकरण’ पर आधारित अध्ययन प्रस्तुत किया। • इस सहभागिता ने एम्स भोपाल की उच्च गुणवत्ता वाले शोध, सामुदायिक भागीदारी और जनस्वास्थ्य नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया। भोपाल (ईएमएस) । एम्स भोपाल निरंतर चिकित्सा सेवाओं और शोध कार्यों के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है, जिससे संस्थान के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान मिल रही है। इसी क्रम में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पंकज प्रसाद और डॉ. दीप्ति डाबर ने 25 से 27 मार्च 2026 के दौरान फिलीपींस के इलोइलो सिटी में आयोजित WONCA एशिया पैसिफिक क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में भाग लेकर संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन के दौरान दोनों चिकित्सकों ने अपने मौलिक शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें जनस्वास्थ्य, महामारी विज्ञान और सामुदायिक आधारित हस्तक्षेपों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। डॉ. पंकज प्रसाद ने अपने आईसीएमआर द्वारा वित्तपोषित अध्ययन “मध्य भारत की जनजातीय आबादी में सर्पदंश पीड़ितों के बीच उपचार प्राप्त करने की प्रवृत्ति” के निष्कर्ष प्रस्तुत किए। इस अध्ययन में मध्य प्रदेश के झाबुआ और बड़वानी जैसे जनजातीय जिलों में सर्पदंश पीड़ितों के उपचार में होने वाली देरी, विशेष रूप से प्रारंभिक स्तर पर होने वाली देरी को रेखांकित किया गया। वहीं, डॉ. दीप्ति डाबर ने “भारत में मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता स्केल का हिंदी में अंतर-सांस्कृतिक अनुकूलन और प्रमाणीकरण” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया, जो एम्स भोपाल के इंट्राम्यूरल फंडेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया गया था। इस अध्ययन का उद्देश्य भारत में मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता को मापने के लिए एक मान्य हिंदी उपकरण विकसित करना है, जो आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता एम्स भोपाल के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की शोध क्षमता, सामुदायिक उन्मुख दृष्टिकोण और नवाचार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान के शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य के शोधकर्ताओं को भी प्रेरित करती हैं। - ईएमएस/29 अप्रैल2026