अंतर्राष्ट्रीय
30-Apr-2026


डेमोक्रेट सांसद ने ट्रंप की मानसिक स्थिति पर खड़े किए सवाल वाशिंगटन,(ईएमएस)। वॉशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस की हालिया सुनवाई बड़े राजनीतिक दंगल में बदल गई। 28 फरवरी को ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद पहली बार रक्षा सचिव पीट हेगसेथ संसद के सामने पेश हुए। इस दौरान भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने युद्ध की वास्तविक लागत और जनता पर पड़ने वाले इसके वित्तीय बोझ को लेकर हेगसेथ की जमकर घेराबंदी की। रो खन्ना के तीखे सवालों और हेगसेथ की बयानबाजी ने बाइडन प्रशासन के बाद ट्रंप सरकार की युद्ध नीति पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रो खन्ना ने सुनवाई के दौरान एक विस्तृत आर्थिक विश्लेषण पेश किया, जिसने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी। खन्ना के अनुसार युद्ध की वजह से पेट्रोल, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। अनुमान के मुताबिक, एक औसत अमेरिकी परिवार को इस युद्ध के कारण हर साल 5,000 डालर (लगभग 4.15 लाख रुपये) का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। पेंटागन ने जहां युद्ध की लागत मात्र 25 अरब डालर जाहिर की है, वहीं खन्ना ने दावा किया कि अमेरिका को अब तक कुल 631 अरब डालर का आर्थिक नुकसान हो चुका है। डेमोक्रेटिक सांसद खन्ना ने रक्षा सचिव की आलोचना कर कहा कि यह बेहद परेशान करने वाली बात है कि प्रशासन ने इसका विश्लेषण तक नहीं किया कि आम जनता को इस युद्ध के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेगसेथ केवल सुर्खियां बटोरने वाले पल तलाश रहे हैं, जबकि वे बुनियादी आर्थिक गणनाओं में विफल रहे हैं। आर्थिक दावों के अलावा, रो खन्ना ने युद्ध के जमीनी नतीजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि हफ्तों तक चले भीषण संघर्ष के बावजूद, ट्रंप प्रशासन अपने मुख्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में नाकाम रहा है। अमेरिका का घोषित उद्देश्य ईरान के हथियार-ग्रेड यूरेनियम को जब्त करना और वहां के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना था, लेकिन खन्ना के मुताबिक, प्रशासन इन लक्ष्यों के आस-पास भी नहीं पहुंच पाया है। वहीं सुनवाई के दौरान बहस केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तिगत हमलों तक जा पहुंची। जब खन्ना ने लागत पर सवाल किया, तब हेगसेथ ने पूछा, एक ईरानी परमाणु बम की क्या कीमत है? हेगसेथ ने तर्क दिया कि विपक्षी नेताओं के गैर-जिम्मेदार और निराशावादी बयान मिशन की सफलता के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। वहीं, रिपब्लिकन सांसदों ने युद्ध के बीच वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाने के हेगसेथ के फैसले का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेट सांसद जॉन गरामेंडी ने राजनीतिक और आर्थिक आपदा बताया। गरामेंडी ने चेतावनी दी कि अमेरिका एक बार फिर पश्चिम एशिया के अंतहीन युद्ध के दलदल में फंस गया है। डेमोक्रेट्स सांसद ने इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति पर भी सवाल उठाए। इसके जवाब में हेगसेथ ने ट्रंप को पीढ़ियों का सबसे तेज और सूझबूझ वाला कमांडर-इन-चीफ बताया और विपक्ष को जो बाइडन की क्षमता की याद दिलाई। बात दें कि रो खन्ना, जो 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे हैं, उनके इस आक्रामक रुख ने उन्हें प्रगतिशील और आर्थिक रूप से जागरूक नेता के रूप में पेश किया है। दूसरी ओर, पीट हेगसेथ अब सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सामने पेश होगा, जहां युद्ध की रणनीतियों और खर्चों पर और अधिक गहन चर्चा होने की संभावना है। यह स्पष्ट है कि ईरान युद्ध ने न केवल वैश्विक भू-राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति और अर्थव्यवस्था को भी अस्थिर कर दिया है। आशीष दुबे / 30 अप्रैल 2026