खाड़ी में विदेशी हुक्म नहीं चलेगा तेहरान(ईएमएस)। फारस की खाड़ी और होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गई है। फारस की खाड़ी राष्ट्रीय दिवस के मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इस्राइल को बहुत ही कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि ईरान किसी भी विदेशी दबाव, समुद्री नाकाबंदी या धमकियों के आगे झुकने वाला देश नहीं है और वह डटकर इसका सामना करेगा। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अपने बयान में कहा है कि फारस की खाड़ी कोई ऐसा अखाड़ा नहीं है जहां विदेशी ताकतें आकर अपनी मर्जी थोप सकें। उन्होंने मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ समुद्री पाबंदियां लगाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि अगर फारस की खाड़ी में कोई भी अशांति या खतरा पैदा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ अमेरिका और जायोनी शासन (इजराइल) की होगी। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा है कि दुनिया में ऊर्जा ले जाने वाले जरूरी रास्तों की सुरक्षा करने में ईरान की नौसेना बहुत अहम भूमिका निभाती है। दुश्मन अब अपनी रणनीति बदलकर ईरान पर आर्थिक और समुद्री व्यापार को लेकर दबाव डाल रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के बिल्कुल खिलाफ है। अमेरिका की ये समुद्री पाबंदियां संघर्ष विराम की समझ का सीधा उल्लंघन हैं और संयुक्त राष्ट्र के नियमों को भी तोड़ती हैं। ऐसी धमकियों और पाबंदियों की वजह से कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर अमेरिका की नीयत पर बहुत बड़ा शक पैदा हो गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा और व्यापार के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। विनोद उपाध्याय / 30 अप्रैल, 2026