30-Apr-2026
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यह एटक की नहीं, मध्यप्रदेश की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जीत-विभा पांडेय प्रांतीय महासचिव ग्वालियर (ईएमएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यूनियन (एटक) की महासचिव कॉमरेड विभा पांडे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर मे रिट याचिका क्रमांक 14501/2019 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के पूर्व राज्य सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव (जबलपुर) ने दायर की जिसमे मध्य प्रदेश शासन की तरफ से अधिवक्ता प्रमोद कुमार चौरसिया ने शासन का पक्ष रखा। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पारित आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2026 मे राज्य सरकार को निर्देशित किया कि दिनांक 27-6 -2019 से पहले जो मानदेय का हिस्सा दिया जा रहा था उसे पुनः बहाल किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 1500/- सहायिका को 750/- मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 1250/- रुपया प्रति माह की दर से दिनांक 27/6/2019 से एरियर भुगतान करने के दिनांक तक 6% ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार 84 माह की एरियर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कुल राशि 126000/- आंगनवाड़ी सहायिका को 63000/- मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 105000/- को एरियर मिलेगा और 6% ब्याज अलग से दिया जाएगा। दिनांक 3 फरवरी 2026 के आदेश को समाहित करते हुए आदेश जारी किया गया है जिसमें 120 दिन के अंदर करना है यानी 3 जून 2026 तक सरकार को भुगतान करना है। याचिका में यह भी आदेश जारी किया गया है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकार 125000/- एवं ₹100000 ग्रेच्युटी सरकार देती थी। माननीय उच्च न्यायालय ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को राहत देते हुए आदेश दिया है कि पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ मे खुशी की लहर दौड़ गई। मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की महासचिव कॉमरेड विभा पांडे ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका बहनों से अपील की है कि जो बहने सेवानिवृत हो गई हैं वह अपनी ग्रेच्युटी के लिए आवेदन कर सकती हैं, ग्रेच्युटी एक्ट के अनुसार सेवानिवृत्ति के समय का अंतिम वेतन की 15 दिन का वेतन की दर से जितने वर्ष की सर्विस है पूरा भुगतान होगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को पालन करने के लिए पूरे मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।