क्षेत्रीय
30-Apr-2026
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कल्याण, (ईएमएस)। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। सामान्य प्रशासन विभाग में कार्यरत लिपिक भारत पाटोले को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला एक स्कूल से जुड़ा है, जिसे अग्निशमन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) चाहिए था। आरोप है कि पाटोले ने इस एनओसी को जारी करने या उसमें सुधार करने के बदले 40 हजार रुपये की मांग की थी। स्कूल प्रशासन ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद अधिकारियों ने जाल बिछाया। एसीबी की योजना के अनुसार पाटोले को खडकपाड़ा इलाके में बुलाया गया, जहां वह रिश्वत की रकम लेते समय पकड़ा गया। इसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि संबंधित स्कूल को 26 मई 2025 को एनओसी जारी किया गया था, लेकिन उस दस्तावेज़ पर संदेह जताया गया। इसी का फायदा उठाकर पाटोले ने पैसे की मांग की थी। इस कार्रवाई के बाद केडीएमसी प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जानकारी के अनुसार, अब तक इस महानगरपालिका के करीब 50 अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। इनमें छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारी तक शामिल हैं। जिनमें नगर रचनाकार सुनील जोशी, सेवानिवृत्त अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत, सेवानिवृत्त उपायुक्त सुरेश पवार और सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त गणेश बोराडे जैसे नाम शामिल हैं। बहरहाल लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से केडीएमसी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और आम जनता में नाराज़गी बढ़ रही है। साथ ही, यह भी चर्चा है कि महानगरपालिका के अंदरूनी गुटबाजी के कारण भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। संतोष झा- ३० अप्रैल/२०२६/ईएमएस