खेल
01-May-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को ये सत्र कई मायनों में पिछले सत्रों से अलग नजर आ रह है। इस बार किसी बल्लेबाज का शतक भी जीत की गारंटी नहीं माना जा रहा है क्योंकि पांच बार ऐसा हो गया है जब बल्लेबाज के शतक लगाने के बाद भी उसकी टीम हारी है। इस सत्र में अब तक 41 मैचों में 9 शतक लगे हैं। इसमें हैरान करने वाली बात ये रही है 5 बार ऐसा हुआ जब बल्लेबाज ने शतक लगाया पर टीम को हार का सामना करना पड़ा। मुंबई इंडियंस के दो सलामी बल्लेबाजों, क्विंटन डिकॉक और रयान रिकल्टन, ने पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शतक लगाए पर दोनो बार ही टीम को हार मिली। दिल्ली कैपिटल्स के लिए केएल राहुल ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 152 रन बनाए पर इसके बाद भी पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम को हार मिली। गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन ने भी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ एक शानदार शतक लगाया पर वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाये। ,वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शतक लगाया पर इसके बाद भी टीम हार गयी। दूसरी ओर चार बल्लेबाजों के शतकों से उनकी टीम को जीत मिली है। चेन्नई सुपर किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने इस सीजन में दो शतक दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ लगाये और दोनों ही अवसरों पर सीएसके जीती है। मुंबई इंडियंस के तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलायी। इस प्रकार कुल 9 शतकों में से केवल 4 शतक ही टीम को जीत दिला पाये। इसस साफ है कि आईपीएल में केवल एक बल्लेबाज का शतक ही जीत के लिए पर्याप्त नहीं है। जीत के लिए सभी को बेहतर प्रदर्शन करने की जरुरत है। जीत के लिए पूरी टीम को एक ईकाई की तरह खेलते हुए हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। गिरजा/ईएमएस 01 मई 2026