खेल
01-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत की ओलंपिक पदक विजेता और स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू अगले महीने गांधीनगर में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भाग नहीं लेंगी। कंधे की चोट के चलते उन्होंने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया है। चानू का मुख्य लक्ष्य इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करना है, जिसके लिए वह कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहतीं। उनका यह रणनीतिक निर्णय सुनिश्चित करेगा कि वह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह से फिट और तैयार रहें। भारोत्तोलन एक ऐसा खेल है जिसमें शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, और चानू जैसी शीर्ष स्तर की एथलीट के लिए चोट से बचाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली मीराबाई का मानना है कि उनकी शारीरिक स्थिति सर्वोच्च प्राथमिकता है। एशियाई चैंपियनशिप से बाहर रहकर, उन्हें अपनी चोट से पूरी तरह उबरने और आगामी मेगा-इवेंट्स के लिए अपनी शक्ति और तकनीक को निखारने का पर्याप्त समय मिलेगा। यह कदम उनके दीर्घकालिक करियर के लिए भी बुद्धिमानी भरा है, ताकि वह भविष्य में भी भारत के लिए पदक जीतती रहें। मीराबाई चानू का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल होंगे। इन खेलों में वह अपने पसंदीदा 48 किग्रा वर्ग में उतरेंगी, जहां उन्हें स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका प्रदर्शन हमेशा ही बेहतरीन रहा है और वह एक बार फिर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद कर रही हैं। हाल ही में मोदीनगर में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने कुल 205 किग्रा (89 किग्रा स्नैच और 116 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था, जो उनके फॉर्म को दर्शाता है। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद, चानू अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। एशियाई खेल उनके लिए एक नई चुनौती पेश करेंगे, क्योंकि इस टूर्नामेंट के लिए उन्हें 53 किग्रा वर्ग में उतरना होगा। इसके लिए उन्हें अपना वजन भी बढ़ाना होगा, जो किसी भी भारोत्तोलक के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन होता है। दिलचस्प बात यह है कि अपने शानदार करियर के बावजूद, मीराबाई चानू ने अब तक एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीता है, जिससे यह उनके लिए एक विशेष प्रेरणा का स्रोत है। यह साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होने के कारण और भी अहम माना जा रहा है। एशियाई खेलों का प्रदर्शन न केवल पदक के लिए, बल्कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मीराबाई की अनुपस्थिति से एशियाई चैम्पियनशिप में उनकी जगह कोमल कोहर को शामिल किया जा सकता है, जिससे उन्हें भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मीराबाई चानू अब पूरी तरह से अपनी चोट से उबरने और ग्लासगो व आइची-नागोया ( में होने वाले बड़े मुकाबलों के लिए अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेंगी, ताकि वह एक बार फिर भारत को गौरवान्वित कर सकें। गिरजा/ईएमएस 01 मई 2026