अंतर्राष्ट्रीय
01-May-2026
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-इसके बाद सैन्य सरकार ने घर में कर दिया नजरबंद नेपिडो(ईएमएस)। म्यांमार की दिग्गज लोकतांत्रिक नेता आंग सान सू की को जेल से रिहा कर दिया गया है, हालांकि उन्हें पूरी तरह स्वतंत्र करने के बजाय अब घर में नजरबंदी (हाउस अरेस्ट) में भेज दिया गया है। म्यांमार के सूचना मंत्रालय ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने नै पि ताव जेल में सजा काट रही सू की की शेष सजा को नजरबंदी में बदलने का निर्णय लिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सैन्य शासन द्वारा यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र का आभास देने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूचना मंत्रालय के अनुसार, 80 वर्षीय सू की को नजरबंदी में भेजने का फैसला राज्य की उदारता और कसोन पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर लिया गया है। गौरतलब है कि सू की पर भ्रष्टाचार और देशद्रोह जैसे कई आरोप लगाकर कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में घटाकर साढ़े 22 साल कर दिया गया था। भारत के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ीं सू की, म्यांमार की स्वतंत्रता के नायक आंग सान की बेटी हैं और दशकों तक सैन्य शासन के खिलाफ संघर्ष का चेहरा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कदम का स्वागत किया है। उनके प्रवक्ता स्टिफन दुजारिक ने कहा कि सू की को जेल से घर में स्थानांतरित करना एक सार्थक कदम है, जो देश में विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल म्यांमार गंभीर आर्थिक संकट, विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं और आंतरिक जातीय विद्रोहों से जूझ रहा है, ऐसे में सैन्य जुंटा इन कदमों के जरिए अपनी वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। बता दें कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब म्यांमार में सत्ता का ढांचा बदल रहा है। 2021 में तख्तापलट का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग को 3 अप्रैल को संसद द्वारा राष्ट्रपति चुना गया है। राष्ट्रपति बनने के बाद ह्लाइंग ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता और सामाजिक सुलह की कोशिशों के तहत कैदियों को आम माफी देने का वादा किया था। इसी कड़ी में पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट को भी 17 अप्रैल को 4,300 से अधिक राजनीतिक कैदियों के साथ रिहा किया गया था। वीरेंद्र/ईएमएस/01मई 2026