-इस कार्रवाई से वहां के पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय में डर और बेचैनी बढ़ी दुबई,(ईएमएस)। संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी की चर्चा के बीच दो बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ यूएई की राष्ट्रीय एयरलाइन एतिहाद एयरवेज ने अचानक 15 पाकिस्तानी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, वहीं दूसरी तरफ यूएई से जुड़ा बड़ा निवेशक पाकिस्तान के टेलीकॉम सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी की समीक्षा कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अबू धाबी में एतिहाद एयरवेज के हैंगर में काम कर रहे 15 पाकिस्तानी कर्मचारियों को अचानक इमिग्रेशन ऑफिस बुलाया। वहां उन्हें सीधे नोटिस देकर 48 घंटे के अंदर यूएई छोड़ने का आदेश दे दिया। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कुछ कर्मचारी सालों से कंपनी के साथ जुड़े थे, एक कर्मचारी ने तो 18 साल तक सेवा दी थी। इतने कम समय में बैंक, परिवार और बाकी काम समेटना नामुमकिन है। इस कार्रवाई से वहां के पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय में डर और बेचैनी बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक एतिहाद एयरबेस ने इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। आमतौर पर कंपनियां छंटनी के लिए एचआर प्रक्रिया अपनाती हैं, लेकिन यहां इमिग्रेशन की सीधी एंट्री और तुरंत देश छोड़ने का आदेश कई सवाल खड़े कर रहा है। इसी बीच एक और खबर ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। यूएई से जुड़ी टेलीकॉम कंपनी एटिसला पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी की समीक्षा कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह ग्लोबल निवेश रणनीति का हिस्सा है, जो कई देशों में चल रही है। इन दोनों घटनाओं को एक साथ देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यूएई और पाकिस्तान के रिश्तों में दूरी बढ़ रही है। कुछ जानकार इसे पाकिस्तान और सऊदी अरब की करीबी के कारण यूएई का सख्त रुख मान रहे हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर इसे सिर्फ कारोबारी और प्रशासनिक फैसले बताया जा रहा है। सिराज/ईएमएस 01मई26