राज्य
01-May-2026
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- मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा - हर क्षेत्र का संतुलित विकास ही लक्ष्य, सूरत बनेगा देश का अगला ग्रोथ हब - 2047 तक अर्थव्यवस्था में 35% योगदान का अनुमान, 8 नई स्मार्ट जीआईडीसी की घोषणा सूरत (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत में तीसरी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) का भव्य शुभारंभ करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य का कोई भी क्षेत्र विकास से पीछे न रहे और हर जिले की क्षमताओं को वैश्विक मंच मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गुजरात ने क्षेत्रीय विकास के लिए वीजीआरसी का नवाचारपूर्ण मॉडल अपनाया है। मुख्यमंत्री ने उत्तर गुजरात तथा सौराष्ट्र-कच्छ में आयोजित पिछली दो क्षेत्रीय सम्मेलनों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि समावेशी विकास की भावना के साथ ‘विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात’ का निर्माण करने में ये रीजनल कॉन्फ्रेंस एक आदर्श मंच हैं। दक्षिण गुजरात क्षेत्र की इस वीजीआरसी के माध्यम से सूरत, तापी, नवसारी, वलसाड, डांग और भरूच जिलों की औद्योगिक क्षमता और संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने सूरत इकोनॉमिक रीजन में केमिकल-फार्मा, टेक्सटाइल-एपरल, जेम्स-ज्वेलरी, कृषि, रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्रों की अपार संभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सूरत इकोनॉमिक रीजन वर्ष 2047 तक 20 गुना वृद्धि के साथ गुजरात के जीएसडीपी में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देगा। नीति आयोग के मार्गदर्शन में सूरत को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने का मास्टर प्लान भी स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रेलवे कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, बुलेट ट्रेन, मेट्रो और आउटर रिंग रोड जैसी परियोजनाओं से जुड़कर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2001 के बाद गुजरात ने अभूतपूर्व विकास किया है और आज देश के कुल कार्गो का लगभग 40 प्रतिशत हैंडलिंग राज्य में होता है। औद्योगिक उत्पादन में 18 प्रतिशत और नवीकरणीय ऊर्जा में 15 प्रतिशत योगदान गुजरात का है। राज्य की कर आय 9 हजार करोड़ से बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि साणंद-धोलेरा अब सेमीकंडक्टर हब बन चुके हैं, जहां दो प्लांट पहले ही कार्यरत हैं। वाइब्रेंट गुजरात समिट और प्रधानमंत्री के विकास दृष्टिकोण के चलते राज्य देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य में छह रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें 20 प्राथमिकता वाले सेक्टर शामिल हैं। गुजरात 2047 के लिए ‘अर्निंग वेल’ और ‘लीविंग वेल’ जैसे लक्ष्यों के साथ भविष्य का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के उद्योगों पर विशेष फोकस है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात में कुल 5380 एकड़ क्षेत्र में 8 नई ‘स्मार्ट जीआईडीसी’ औद्योगिक एस्टेट स्थापित करने की घोषणा भी की, जो सूरत, भरूच, वलसाड, तापी और नवसारी जिलों में विकसित की जाएंगी। - 01 मई