राज्य
01-May-2026
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- सूरत में आयोजित वीजीआरसी से उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा - 2047 तक दक्षिण गुजरात को राज्य के जीडीपी का 20% हिस्सा बनाने का लक्ष्य उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सभी नागरिकों को गुजरात स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस” के आयोजन से सूरत और दक्षिण गुजरात के विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट गुजरात को क्षेत्रीय स्तर पर विस्तारित करते हुए अब राज्य के चार ज़ोन में रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं। वाइब्रेंट गुजरात की दो दशक की सफलता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में गुजरात का जीडीपी 1.29 लाख करोड़ रुपये था, जो 2012-13 में बढ़कर 7.20 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी विकास गति को आगे बढ़ाते हुए 2022-23 में यह 21.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2025 के अंत तक इसके 27.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि देश के कुल जीडीपी में 8.2 प्रतिशत योगदान के साथ गुजरात आज भारत की आर्थिक वृद्धि का इंजन बन चुका है। इस विकास यात्रा में उद्योगपतियों के महत्वपूर्ण योगदान की भी उन्होंने सराहना की। राज्य की औद्योगिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए संघवी ने कहा कि गुजरात में एमएसएमई इकाइयों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में भी राज्य देश में अग्रणी बना हुआ है। आने वाले समय में बुलेट ट्रेन परियोजना राज्य में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति उद्योगों के लिए सरल और प्रशासन पारदर्शी है, जिसके कारण अब उद्यमियों को सहायता (इंसेंटिव) प्राप्त करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग द्वारा कुल 5,619 करोड़ रुपये की सहायता वितरित की गई, जिसमें से हाल ही में सूरत में 11,000 व्यापारियों को 1,300 करोड़ रुपये की सीधी सहायता दी गई। संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार निवेशकों की मित्र, भागीदार और हितैषी के रूप में कार्य कर रही है। मेहसाणा VGRC में 3.24 लाख करोड़ रुपये और राजकोट में 5.78 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे, और सूरत में भी रिकॉर्ड स्तर पर MoU होने का विश्वास व्यक्त किया गया है। प्रधानमंत्री के “विकसित भारत @2047” विजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने दक्षिण गुजरात जिलों को जोड़कर “सूरत इकोनॉमिक डेवलपमेंट प्लान @2047” तैयार किया है। इसके तहत 2047 तक राज्य के जीडीपी में दक्षिण गुजरात का योगदान 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। दक्षिण गुजरात की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देश के 60 प्रतिशत सोलर पैनल और सोलर सेल का उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है। यहां कुशल मानव संसाधन और पोर्ट कनेक्टिविटी के कारण लॉजिस्टिक्स लागत भी कम है। सूरत देश के 75 प्रतिशत वस्त्र उत्पादन और निर्यात का केंद्र है तथा दुनिया के 100 में से 90 हीरों की कटाई और पॉलिशिंग यहीं होती है। स्वच्छता में भी सूरत देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने उद्योगपतियों से राइजिंग सेक्टर में निवेश करने का आह्वान किया। - 01 मई