- केन्द्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने सूरत की उपलब्धियों को सराहा, जल संरक्षण और औद्योगिक जिम्मेदारी पर दिया जोर सूरत (ईएमएस)| गुजरात गौरव दिवस के पावन अवसर पर दक्षिण ज़ोन की ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ की पहली बार मेजबानी करने पर सूरतवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हुई ‘वाइब्रेंट गुजरात’ समिट की सफलता के चलते आज गुजरात विकास की नई ऊँचाइयों पर पहुंच चुका है। सूरत के उद्योगों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने गर्व से कहा कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रहे दुनिया के सबसे ऊँचे ‘चिनाब रेल ब्रिज’ में सूरत की एएम/एनएस कंपनी द्वारा निर्मित अत्यंत मजबूत स्टील का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हजीरा स्थित एल एन्ड टी प्लांट में तैयार आधुनिक तोपें (के9 वज्र) देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। यह केवल सूरत ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात के लिए गर्व का विषय है। पाटिल आगे कहा कि देश में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल संचय के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जागरूक नागरिकों की भागीदारी से अब तक 70 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे 2 बीसीएम अतिरिक्त जल संचय संभव हुआ है। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश का 83 प्रतिशत पानी कृषि में, 14 प्रतिशत जनसमुदायों में और 2.5 प्रतिशत उद्योगों में उपयोग होता है। ऐसे में उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे भूजल का अनावश्यक दोहन न करें और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ जल संचय को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी बताया कि सूरत महानगरपालिका टर्शरी ट्रीटेड वाटर की बिक्री से प्रतिवर्ष 300 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही है तथा शहर ने आगामी 50 वर्षों की जल आवश्यकताओं के लिए ठोस और दूरदर्शी योजना बनाई है। अंत में उन्होंने कहा कि सूरत के साहसी उद्योगकारों और उनकी कार्यक्षमता के कारण आज वैश्विक परियोजनाओं में शहर की मजबूत भागीदारी दिखाई दे रही है। इस क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दक्षिण गुजरात के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद भी उन्होंने व्यक्त की। - 01 मई