राष्ट्रीय
01-May-2026


* 600 हेक्टेयर में बनेगा विशेष कंजर्वेशन सेंटर, एनटीसीए की मंजूरी के बाद तेज हुई तैयारियां अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी और रोमांचक खबर सामने आई है। भारत में शेरों के लिए प्रसिद्ध गुजरात अब जल्द ही चीतों का भी नया घर बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने कच्छ जिले के बन्नी घासिया क्षेत्र में चीतों के पुनर्वास और संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। कच्छ के बन्नी क्षेत्र में लगभग 600 हेक्टेयर में एक अत्याधुनिक कंजर्वेशन सेंटर विकसित किया गया है, जिसे खास तौर पर चीतों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह क्षेत्र खुले घास के मैदानों और प्राकृतिक वातावरण के कारण चीतों के लिए बेहद उपयुक्त माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यदि सभी तैयारियां योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो आगामी मानसून के आसपास चीतों की पहली खेप कच्छ पहुंच सकती है। इस दौरान का मौसम उनके अनुकूलन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। राज्य वन विभाग ने इस पूरे प्रोजेक्ट में तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। पूरे 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ट्रैकिंग सिस्टम और विशेषज्ञों की टीम के जरिए लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि चीतों की सुरक्षा और उनके व्यवहार पर बारीकी से नजर रखी जा सके। इस परियोजना से न केवल विलुप्त हो चुकी प्रजातियों के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि कच्छ क्षेत्र के पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बन्नी का यह इलाका पहले से ही अपनी अनोखी भौगोलिक संरचना और घास के मैदानों के लिए प्रसिद्ध है, और अब यह चीतों के कारण और भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। गौरतलब है कि नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी है, जिससे यह योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सतीश/01 मई