लेख
02-May-2026
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आकाश में उड़ने वाले पंछी को भी अपने घर की याद आती है। - प्रेमचंद ज्ञानं भार: क्रियां बिना। आचरण के बिना ज्ञान केवल भार होता है। - हितोपदेश ईएमएस / 02 मई 26