राज्य
02-May-2026


भोपाल (ईएमएस)। आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले सूची से हटाए गए 124 अस्पतालों को दोबारा शामिल किए जाने का मामला चर्चाओं में है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मान्यता समाप्त किए जाने के बाद इन अस्पतालों को पुनः जोड़ने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में निजी अस्पतालों को करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार एनएबीएच के सर्टिफिकेट जिन अस्पतालों के पास नहीं थे। मानकों में कमी और अनियमितताओं के चलते इन अस्पतालों को पहले आयुष्मान की सूची से बाहर किया गया था। कुछ समय के बाद 6 महीने में सर्टिफिकेट प्राप्त करने की छूट का मौका देते हुए फिर से आयुष्मान के अस्पतालों की सूची में शामिल कर लिया गया है। इस फैसले से मरीजों को इलाज के अधिक विकल्प मिलने की बात कही जा रही है। वहीं इसे निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने वाला कदम बताया जा रहा है। सरकार का कहना है, मरीजों की सुविधा और उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सूची से हटाने और जोड़ने के नाम पर वसूली के आरोप भी स्वास्थ्य विभाग पर लग रहे हैं। एसजे/ 2 मई /2026